
पूर्णिया में प्रशांत किशोर के काफिले को पुलिस ने रोका, प्रचार के दौरान गाड़ियों की तलाशी
पूर्णिया में चुनाव प्रचार पर निकले प्रशांत किशोर के काफिले को पुलिस ने रोक लिया। और फिर प्रचार में शामिल गाड़ियों की तलाशी ली। अचानक पुलिस कार्रवाई से हड़कंप मच गया। आपको बता दें पहले और दूसरे चरण के मतदान से पहले पुलिस तलाशी अभियान चला रही है।
बिहार चुनाव को लेकर प्रचार का दौर जारी है। सियासी दलों के सूरमा चुनावी मैदान में उतर चुके हैं। एनडीए और महागठबंधन के दलों का भी चुनाव प्रचार चरम पर है। इस बीच जन सुराज के सूत्रधान प्रशांत किशोर भी ताबड़तोड़ चुनावी रैलियां कर रहे हैं। सोमवार को पूर्णिया में अचानक पुलिस ने उनके काफिले को रोक लिया। और फिर गाड़ियों की तलाशी ली। इस दौरान काफिला कुछ देर रुका रहा। और फिर रवाना हुआ। अचानक पुलिस की कार्रवाई से हड़कंप मच गया।

जानकारी के मुताबिक 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में होने वाले चुनावों से पहले चल रहे कैंपेन के दौरान, जन सुराज पार्टी के चीफ प्रशांत किशोर के काफिले की बिहार पुलिस ने तलाशी ली।
आपको बता दें प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज बिहार की सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। साथ ही उन्होने बीजेपी पर पार्टी के तीन उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने के लिए धमकाने का आरोप लगाया था। जन सुराज के प्रत्याशियों की फोटो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बिहार बीजेपी चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान के साथ जारी की थीं।
हालांकि प्रशांत किशोर खुद चुनाव नहीं लड़ रहे है। पहले उनके राघोपुर से तेजस्वी के खिलाफ चुनावी मैदान में कूदने की खबर थी। लेकिन बाद में पीके ने कहा कि अगर मैं चुनाव लडूंगा तो पार्टी का फोकस उसी सीट पर हो जाएगा। ऐसे में पार्टी की राय है, कि मैं चुनाव न लड़ूं। उन्होंने ये भी दावा किया है कि इस बार एनडीए का मुकाबला महागठबंधन से नहीं बल्कि जन सुराज से है।





