प्रशांत किशोर फिर बिहार यात्रा करेंगे, MLC चुनाव लड़ेगी जन सुराज; पहले भी दिखा चुकी है ताकत
बिहार की बांकीपुर सीट पर भाजपा को हराने के बाद प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी का जोश हाई है। जन सुराज पार्टी ने इस साल होने वाले बिहार विधान परिषद के एमएलसी चुनाव लड़ने की तैयारी कर ली है। साथ ही पीके अगले महीने से बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं।

बांकीपुर उपचुनाव जीतने के बाद प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने अब आगामी रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। पीके फिर से बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। इसके साथ ही जन सुराज ने बिहार में होने वाले आगामी चुनावों की तैयारी भी शुरू कर दी है। इस साल के अंत में होने वाले एमएलसी चुनाव में जन सुराज अपने प्रत्याशी उतारेगी। इससे पहले भी विधान परिषद के चुनाव में पीके की पार्टी अपनी ताकत दिखा चुकी है। इसके अलावा बिहार पंचायत चुनाव में भी जन सुराज सभी जगहों पर अपने कैंडिडेट लड़ाएगी। जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने कहा कि अगले महीने होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में अंतिम मुहर लगने के बाद विधिवत इन फैसलों की घोषणा की जाएगी।
रिपोर्ट्स के मुताबिक मनोज भारती ने पटना में जन सुराज कार्यालय में कार्यकर्ताओं से पार्टी के आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2026 से पूरे बिहार में जन सुराज का व्यापक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। सभी नेताओं को 25 नए सदस्यों को जोड़ने के लिए कहा जाएगा। यह अभियान 3 महीने तक चलेगा।
पीके फिर से यात्रा निकालेंगे
उन्होंने कहा कि प्रशांत किशोर ने पिछले साल बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पदयात्रा निकालकर कई जिलों का दौरा किया था। अब आगामी सितंबर महीने से वह फिर बिहार यात्रा पर निकलने वाले हैं। बताया जा रहा है कि इस दौरान वह गांव-कस्बों का दौरा करेंगे।
एमएलसी चुनाव लड़ेगी जन सुराज पार्टी
मनोज भारती के अनुसार जन सुराज पार्टी बिहार विधान परिषद के आगामी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। जन सुराज की कार्यकारिणी की आगामी दिनों में बैठक प्रस्तावित है, जिसमें इस पर अंतिम मुहर लगाई जाएगी।
8 एमएलसी सीटों पर नवंबर में चुनाव!
बता दें कि बिहार विधान परिषद की की शिक्षक एवं स्नातक कोटे की 8 सीटों का कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। इनमें से 4 स्नातक और 4 शिक्षक एमएलसी सीटें हैं। स्नातक और शिक्षक कोटे की एमएलसी सीट पर सीधे चुनाव होता है। जन सुराज पार्टी के मैदान में उतरने से एनडीए और महागठबंधन को सीधे तौर पर चुनौती मिलने के आसार नजर आ रहे हैं।
जिन एमएलसी सीटों पर नवंबर महीने तक चुनाव प्रस्तावित है, उनमें पटना स्नातक, पटना शिक्षक, दरभंगा स्नातक, दरभंगा शिक्षक, तिरहुत स्नातक, तिरहुत शिक्षक, कोसी स्नातक और सारण शिक्षक सीट शामिल है। इनमें से तीन पर एनडीए, दो पर महागठबंधन और तीन सीटों पर निर्दलीय एमएलसी हैं।
MLC चुनाव में ताकत दिखा चुकी है जन सुराज
प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी एमएलसी चुनाव में पहले भी अपना दमखम दिखा चुकी है। साल 2023 में हुए उपचुनाव के दौरान सारण शिक्षक सीट पर जन सुराज समर्थित उम्मीवार आफाक अहमद की जीत हुई थी। कद्दावर वामपंथी शिक्षक नेता केदार पांडेय के निधन से यह सीट खाली हुई थी। उपचुनाव में सीपीआई ने केदार पांडे के बेटे आनंद पुष्कर को उतारा था।
वहीं, उनके खिलाफ आफाक अहमद ने निर्दलीय पर्चा भरा था। उस समय प्रशांत किशोर बिहार में पदयात्रा निकाल रहे थे और उनकी पार्टी का गठन नहीं हुआ था। इसलिए जन सुराज ने निर्दलीय आफाक अहमद को समर्थन दिया, जिन्होंने केदार पांडेय के बेटे को हरा दिया था। इसे जन सुराज की बिहार में पहली राजनीतिक सफलता कहा गया। सारण शिक्षक एमएलसी सीट का कार्यकाल भी नवंबर 2026 में खत्म होने जा रहा है।
बिहार पंचायत चुनाव पर फोकस
बांकीपुर उपचुनाव में जीत के बाद प्रशांत किशोर का मुख्य तौर पर फोकस आगामी पंचायत चुनावों पर है। बिहार में अगले साल पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव प्रस्तावित हैं। बांकीपुर से जीतने के बाद प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि हर जिले में जन सुराज का जिला परिषद अध्यक्ष बनाना उनका अगला लक्ष्य है।
बताया जा रहा है कि पार्टी जोर-शोर से बिहार पंचायत चुनाव की तैयारी में जुट गई है। पीके की आगामी बिहार यात्रा का प्लान भी इसी को ध्यान में रखते हुए बनाया जा रहा है।
बांकीपुर में भाजपा को हराकर विधायक बने प्रशांत किशोर
पटना शहर की बांकीपुर विधानसभा सीट पर हाल ही में उपचुनाव में प्रशांत किशोर ने भाजपा के नीरज सिन्हा को 19 हजार से अधिक वोटों से हराया था। पीके जन सुराज के पहले विधायक बने हैं। बांकीपुर को भाजपा का गढ़ माना जाता था। भाजपा को उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के गृह क्षेत्र बांकीपुर में हराने के बाद प्रशांत किशोर और जन सुराज के समर्थकों का उत्साह चरम पर है।


