Hindi NewsBihar NewsPrashant Kishor announces introducing right to recall for assembly elections in Jan Suraaj
जन सुराज के विधायक जीते तो उन पर राइट टू रिकॉल का प्रयोग करेंगे प्रशांत किशोर, इस्तीफा कैसे लेंगे?

जन सुराज के विधायक जीते तो उन पर राइट टू रिकॉल का प्रयोग करेंगे प्रशांत किशोर, इस्तीफा कैसे लेंगे?

संक्षेप:

  • गांधी जयंती पर पार्टी बनाने जा रहे जन सुराज अभियान के संस्थापक नेता प्रशांत किशोर ने कहा है कि उनकी पार्टी बिहार विधानसभा चुनाव में लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों से जनप्रतिनिधि वापसी के अधिकार (राइट टू रिकॉल) का हलफनामा लेकर ही टिकट देगी।

Mon, 30 Sep 2024 01:54 PMRitesh Verma हिन्दुस्तान टीम, पटना, हिन्दुस्तान ब्यूरो
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जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने कहा है कि नई पार्टी के गठन के बाद जन सुराज सबसे अलग होगा और यहां अपने जनप्रतिनिधियों के लिए वापसी का अधिकार (राइट टू रिकॉल) लागू करेगा। अपेक्षा पर खड़े नहीं उतरने वाले लोग वापस होंगे। पार्टी टिकट देने के पहले सभी से शपथ पत्र लेगी। प्रशांत किशोर ने बताया कि पार्टी उनको ही टिकट देगी जो राइट टू रिकॉल पर सहमति का शपथ पत्र देंगे। उन्होंने बताया कि अगर संबंधित कैंडिडेट जीत जाता है तो उसकी विधानसभा में जन सुराज के एक तिहाई संस्थापक सदस्य अगर उसके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाते हैं तो वोटिंग होगी। मतदान में हारने के बाद शपथ पत्र के मुताबिक उसे इस्तीफा देना होगा।

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पाटलिपुत्र कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में प्रशांत ने कहा कि फरवरी में गांधी मैदान में बिहार के विकास का ब्लू प्रिंट पेश करेंगे। इसमें राज्य की सभी आठ हजार पंचायतों के विकास का खाका होगा। जरूरत के अनुसार विकास की कार्ययोजना बना रहे हैं। सिर्फ समस्या नहीं गिनाएंगे, बल्कि उसे दूर करने का रास्ता भी बताएंगे। 

पीके ने कहा कि बिहार को नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव दोनों ने छला है, लेकिन असली गुनाहगार कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) है। लालू प्रसाद यादव को समर्थन देकर जैसे कांग्रेस बिहार में खत्म हो गई, नीतीश कुमार को समर्थन देकर वैसे ही अब भाजपा भी बिहार से खत्म होगी। जनता दल यूनाइटेड (जदयू), भाजपा और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता एक्सपायर दवा हैं। 

नीतीश कुमार को 2020 में मुख्यमंत्री ना बनने की सलाह दी थी- प्रशांत किशोर

उन्होंने दावा किया कि 2020 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू के कम सीट जीतने के बाद उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री न बनने की सलाह दी थी। पीके ने कहा कि जन सुराज सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। यदि हम इनमें 130-135 सीट भी जीतते हैं तो अपनी हार मानेंगे।

प्रशांत किशोर नहीं होंगे जनसुराज के नेता

पीके ने कहा कि वे जन सुराज के नेता नहीं होंगे। उनकी भूमिका केवल सलाहकार जैसी होगी। उन्होंने कहा कि उनसे बेहतर और योग्य व्यक्ति पार्टी का नेतृत्व करेगा। 2 अक्टूबर को नया दल बनने के बाद पार्टी अपना चेहरा घोषित कर देगी। उन्होंने फिर दोहराया कि सिर्फ 1200 परिवारों का बिहार की राजनीति पर कब्जा है।

Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा लगभग ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। बिहार में दैनिक जागरण से करियर की शुरुआत करने के बाद दिल्ली-एनसीआर में विराट वैभव, दैनिक भास्कर, आज समाज, बीबीसी हिन्दी, स्टार न्यूज, सहारा समय और इंडिया न्यूज के लिए अलग-अलग भूमिका में काम कर चुके हैं। और पढ़ें
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