पॉलिटिक्स दिखाएंगे तो आप यहां बैठिएगा,,, थाने में फूटा प्रशांत किशोर का गुस्सा, वर्करों को हिरासत में लेने पर भड़के
पटना में जनसुराज कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने के बाद प्रशांत किशोर बेहद नाराज नजर आए। प्रशांत किशोर देर रात जक्कनपुर थाने पहुंचे और यहां उनकी पुलिसकर्मी के साथ तीखी बहस हुई है। इसका एक वीडियो भी सामने आया है।

बांकीपुर उपचुनाव से पहले जनसुराज के करीब 20 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी मिलने के बाद प्रशांत किशोर देर रात पटना के जक्कनपुर थाने में पहुंचे। थाने के अंदर प्रशांत किशोर बेहद नाराज नजर आए। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी से उनकी तीखी नोंकझोंक भी हुई। प्रशांत किशोर के साथ पार्टी के कई अन्य नेता भी मौजूद थे और सभी यह जानना चाहते थे कि हिरासत में लिए गए पार्टी कार्यकर्ताओं को कहां रखा गया है। हालांकि, ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मी ने प्रशांत किशोर से कहा कि वो बड़े अफसर से बात कर लें क्योंकि उन्हें यह नहीं पता कि हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता कहां हैं? जब पुलिसवाले ने पीके से कहा कि यह तो हमारे साथ पॉलिटिक्स है तब गुस्से में लाल प्रशांत किशोर ने यहां तक कह दिया कि पॉलिटिक्स दिखाएंगे तो यहीं रहिएगा।
थाने में बैठे प्रशांत किशोर का एक वीडियो भी सामने आया है इसमें नजर आ रहा है कि नाराज पीके पुलिसकर्मी से कहते हैं कि पुलिस राज है क्या ये, आप करेंगे वो अपने सीनियर को बताएंगे। इसपर पुलिसकर्मी ने कहा कि सर, अब आप यह बात वहां बताइएगा। इसपर प्रशांत किशोर ने पूछा, कहां? प्रशांत किशोर ने कहा कि हम आपको जानते हैं, थाने को जानते हैं। इस दौरान पीके के साथ थाने में मौजूद जनसुराज नेता ने पुलिसकर्मी से कहा कि एक बार आप अपने सीनियर से बात कर लीजिए। इसपर पुलिसकर्मी ने कहा कि आप बात कर लीजिए, आप तो सीनियर को जानते ही हैं। आपसे उनका परिचय तो है ही। उनका मोबाइल नंबर भी है आपके पास।
आप हमारे पास क्यों आए? यह भी हमको आश्चर्य लग रहा है, वो भी इस प्रकार से। इसपर प्रशांत किशोर ने कहा कि हम इस प्रकार से इसलिए आए ताकि बिहार की जनता देखे कि अपनों के साथ आप इस तरह का व्यवहार करते हैं। इसपर पुलिसकर्मी ने कहा कि सर, ये तो आप हमारे ऊपर पॉलिटिक्स दिखा रहे हैं। तब प्रशांत किशोर ने कहा कि पॉलिटिक्स, पॉलिटिक्स दिखाएंगे तो आप यहां बैठिएगा...पुलिसकर्मी ने इसके बाद कहा कि क्या कर लेंगे सर। वर्दी उताार कर छोड़ देंगे। आप छोड़ देंगे तो हम क्या आपसे डर रहे हैं।
पुलिसकर्मी से पीके की हुई नोंकझोंक
एक अन्य वीडियो में थाने के अंदर बैठे प्रशांत किशोर पुलिसकर्मी से कहते हैं कि हमलोगों को अंतिम बार जो जानकारी मिली तो वो लोग आपके थाने में थे। तो आपसे यह सवाल तो बनेगा ही कि अगर उनलोगों ने क्राइम किया है तो उनपर क्या चार्ज लगा है यह आप बताा दीजिए। इसपर पुलिसकर्मी न कहा कि सिर्फ क्राइम करने वालों को ही थाने में लाया जाता है क्या? तब पीके ने कहा कि अच्छा, तो किसको लाया जाता है? तब पुलिसकर्मी ने कहा कि आप हमसे ज्यादा जानते हैं आप ही बता दीजिए। इस बातचीत के दौरान प्रशांत किशोर ने पुलिसकर्मी से कहा कि हम आपसे को-ऑपरेशन चाहते हैं जो हमारे लोग यहां हैं, उनके बारे में बता दीजिए। तब पुलिसकर्मी ने कहा कि को-ऑपरेशन ये नहीं है सर। आप घेर कर आए हैं तो इसको को-ऑपरेशन नहीं बोलते हैं। पीके ने कहा कि हम बहुत कायदे से आपसे बात कर रहे हैं। तो पुलिसकर्मी ने कहा कि कहां कायदा है, आप से ऐसे घेर कर बात कर रहे हैं। आप हमको चारों तरफ से घेर कर बैठे हैं और कह रहे हैं कि कायदे से बात कर रहे हैं।
जनसुराज ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने का किया है दावा
बहरहाल बता दें कि जनसुराज पार्टी का आरोप है कि उसके कई कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया है, लेकिन उनके परिजनों और पार्टी पदाधिकारियों को यह नहीं बताया जा रहा कि उन्हें किस आधार पर लिया गया है और फिलहाल कहां रखा गया है? प्रशांत किशोर और पार्टी नेताओं का कहना है कि कार्यकर्ताओं के परिवार लगातार संपर्क कर रहे हैं, जबकि पुलिस की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। उनका आरोप है कि थाने में मौजूद अधिकारियों ने भी कोई ठोस जानकारी देने के बजाय वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क करने की बात कही। जन सुराज नेताओं ने कहा कि जब तक हिरासत में लिए गए सभी कार्यकर्ताओं की स्थिति और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी नहीं मिल जाती, तब तक वे थाने से नहीं हटेंगे। उनका दावा है कि कुछ कार्यकर्ताओं ने थाने के अंदर से अपनी तस्वीरें भी भेजी हैं, जिससे उनके वहां मौजूद होने की पुष्टि होती है।
इससे पहले जन सुराज कार्यालय में देर शाम एक आपात बैठक हुई। बैठक के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि यदि किसी कार्यकर्ता ने कानून का उल्लंघन किया है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन बिना स्पष्ट सूचना दिए किसी को हिरासत में रखना और परिजनों को जानकारी नहीं देना उचित नहीं है। इस तरह से देर रात तक प्रशांत किशोर अपने कार्यकर्ताओं के साथ थाने में डटे रहेl हालांकि थानेदार यह क़ह कर बात को टालते रहे की थाने में वरीय पदाधिकारी के आदेश पर लाया गया था, मैं नहीं लाया हूं, फिर यहाँ से लेकर चले गए, कहां ले जाया गया यह वरीय पदाधिकारी बताएंगे, इस तरह सें थाने में गहमा गहमी देर रात तक बनी हुई रही l


