
हार के 2 महीने बाद फिर एक्टिव हुए प्रशांत किशोर, जहानाबाद में छात्रा के परिजन से मिल किया ये ऐलान
बिहार चुनाव में हार के 2 महीने बाद प्रशांत किशोर फिर से एक्टिव हो गए हैं। पटना में नीट छात्रा की मौत के बाद वे शुक्रवार को पीड़ित परिवार से मिलने जहानाबाद पहुंचे। उन्होंने परिजन को ढांढ़स बंधाया और उनके लिए लड़ाई लड़ने का ऐलान किया।
बिहार विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के 2 महीने बाद जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर फिर से सक्रिय हो गए हैं। पीके शुक्रवार को जहानाबाद पहुंचे और पटना के हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही छात्रा के परिजन से मिले। छात्रा की मौत पर उन्होंने परिवार को न्याय दिलाने का ऐलान किया। पीके ने कहा कि इसके लिए अदालत में जाना पड़े, सीएम से मिलना पड़े या सड़क पर बैठना पड़े, जो करना पड़े वो करेंगे।
प्रशांत किशोर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पीड़ित परिवार के साथ गलत हुआ है। उन्हें पुलिस और प्रशासन से मदद नहीं मिल रही है। परिवार के लोगों का आरोप है कि थानेदार धमका रहे हैं। उन पर केस को वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
पीके ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से जो कार्रवाई की जानी है, वो करेंगे। उन्हें उम्मीद है कि इस मामले में सही कार्रवाई होगी और दोषियों को पकड़ा जाएगा। अगर ऐसा नहीं होगा तो दूसरे रास्ते खुले हुए हैं। पुलिस की जिम्मेदारी है कि इस मामले की नए सिरे से जांच करे। उन्होंने छात्रा की मां को आश्वासन दिया कि वह इस संबंध में पटना एसएसपी से उनकी बात कराएंगे।
क्या है मामला
दरअसल, पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में बीते दिनों नीट की तैयारी कर रही एक छात्रा कमरे में बेहोश पाई गई थीं। गंभीर हालत में उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जिसकी बीते रविवार को मौत हो गई। पुलिस ने शुरुआत में इसे आत्महत्या का मामला बताया। हालांकि, परिजन ने आरोप लगाया कि उसके साथ हॉस्टल में रेप हुआ और फिर हत्या कर दी गई। छात्रा जहानाबाद जिले के शकूराबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली थी।
गुरुवार शाम को छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद यह मामला और पेचीदा हो गया। रिपोर्ट में छात्रा से दरिंदगी का खुलासा हुआ है। साथ ही उसके शरीर पर चोट-खरोच के निशाना पाए गए। पुलिस भी अब रेप की बात से इनकार नहीं कर रही है। आनन-फानन में पटना पुलिस ने हॉस्टल संचालक को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को एम्स में विस्तृत अध्ययन के लिए भेजा गया है।
इस मामले पर अब सियासी घमासान छिड़ा हुआ है। बीते सोमवार को पटना में छात्रा का शव सड़क पर रखकर प्रदर्शन किया गया था। गुरुवार को पूर्णिया सांसद पप्पू यादव भी जहानाबाद पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने इस केस की सीबीआई से जांच कराने की मांग रखी।
2 महीने बाद राजनीतिक रूप से सक्रिय हुए पीके
प्रशांत किशोर एक बार फिर राजनीतिक रूप से सक्रिय हो गए हैं। हालिया बिहार चुनाव में उनकी जन सुराज पार्टी एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। इसके बाद पीके ने बेतिया के गांधी आश्रम पहुंचकर एक दिन का मौन उपवास रखा था। इसके बाद से वे राजनीतिक रूप से कम सक्रिय दिखे।
दूसरी ओर, चुनाव नतीजों के बाद एक-एक कर जन सुराज के नेता पीके का साथ छोड़ते हुए जा रहे हैं। करगहर सीट से चुनाव हारे भोजपुरी कलाकार रितेश पांडेय ने जन सुराज से इस्तीफा दे दिया। पूर्व केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के भी जदयू में लौटने की चर्चा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अन्य नेता भी राजनीतिक संभावनाओं की तलाश कर रहे हैं।





