पोस्टर, हवन, भूख हड़ताल... दो साल पुराना 'मिशन निशांत' हुआ सफल; ललन, संजय खुश
नीतीश कुमार के बुलावे पर गुरुवार को जदयू विधायकों, सांसदों, विधान पार्षदों और प्रमुख पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में मुख्य रूप से दो ही प्रस्तावों पर चर्चा हुई। एक नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने और दूसरा निशांत को सक्रिय राजनीति में लाने पर।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में लाने के प्रस्ताव पर शुक्रवार को मुहर लग गई। जदयू के कई नेता और बड़ी संख्या में नौजवान कार्यकर्ता निशांत को जदयू में शामिल कराने के लिए पिछले दो साल से अभियान चला रहे थे। हवन, धरना, प्रदर्शन, भूख हड़ताल से लेकर बड़े-बड़े पोस्टर-बैनर तक इसको लेकर लगाए गए और सियासी गलियारों में पक्ष-विपक्ष की ओर से इसके समर्थन में समय-समय पर तर्क दिए जा रहे थे। अब जाकर विधिवत इस पर मुहर लग गई है। अगले दो दिनों के भीतर निशांत जदयू की सक्रिय सदस्यता लेंगे और जल्द ही पार्टी का शीर्ष नेतृत्व उन्हें महती जिम्मेदारी भी सौंप देगा।
नीतीश कुमार के बुलावे पर गुरुवार को जदयू विधायकों, सांसदों, विधान पार्षदों और प्रमुख पार्टी पदाधिकारियों की बैठक में मुख्य रूप से दो ही प्रस्तावों पर चर्चा हुई। एक नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा जाने और दूसरा निशांत को सक्रिय राजनीति में लाने पर। पहले प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं की चिंता दूर की और आश्वस्त किया कि वे हमेशा साथ खड़े मिलेंगे। इसके बाद बैठक में शामिल सभी नेताओं ने खड़े होकर मुख्यमंत्री से अपील की कि निशांत कुमार को सक्रिय राजनीति में आने दीजिए।
नेताओं की इस मांग पर नीतीश कुमार मुस्कुराते रहे। वहीं, पार्टी के दो प्रमुख नेता ललन सिंह और संजय झा ने बताया कि निशांत ने इस प्रस्ताव पर अपनी सहमति दे दी है। फिर बैठक में मौजूद सभी कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि से निशांत के सक्रिय राजनीति में प्रवेश करने के निर्णय का स्वागत किया। अब पार्टी नेताओं-कार्यकर्ताओं की मांग पर निशांत जल्द ही जदयू की सदस्यता लेंगे।
परिपक्व राजनीतिक सोच का परिचय दिया था
दो दशक से बिहार की राजनीति में प्रमुख धुरी साबित हो रही पार्टी जदयू के नेताओं की बड़ी चिंता पिछले कुछ समय से यह रही थी कि नीतीश कुमार के बाद पार्टी का नेतृत्व कौन करेगा। नीतीश ने ईबीसी और पिछड़े वर्ग का जो वोट बैंक तैयार किया है उसे साधे रखने के लिए पार्टीजनों को निशांत से अधिक भरोसा किसी और पर नहीं हो रहा था। निशांत भी हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी राजनीतिक उत्सुकता बढ़ाते दिखे। खासतौर से नीतीश पर विपक्ष ने जब-जब प्रहार किया, निशांत कवच लेकर सामने आए और अपने सधे हुए बयान से एक परिपक्व राजनीतिक सोच का परिचय दिया।
पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए जतन करते नजर आएंगे
अब जबकि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार राज्यसभा जा रहे हैं और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का पद फिर से उमेश कुशवाहा को सौंपा जा चुका है, ऐसे में तय है कि बिहार की सरकार में निशांत जदयू का चेहरा होंगे। वे जल्द ही पिता की तरह पार्टी को आगे बढ़ाने के लिए तमाम जतन करते नजर आएंगे। राज्यभर में उनके दौरे और आम जनता से संवाद के कार्यक्रम तय किए जाएंगे।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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