LFJ केस में कोर्ट के फैसले पर सियासत तेज, BJP-JDU नेताओं कर दी बड़ी डिमांड

Jan 09, 2026 12:04 pm ISTSudhir Kumar लाइव हिन्दुस्तान
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दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव समेत पर चार्ज फ्रेम कर दिया है। कोर्ट के फैसले पर सियासत भी गर्म हो गई है।

LFJ केस में कोर्ट के फैसले पर सियासत तेज,  BJP-JDU नेताओं कर दी बड़ी डिमांड

बिहार विधानसभा चुनाव में शर्मनाक हार के बाद साल 2026 की शुरुआत में लालू परिवार को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट(सीबीआई स्पेशल कोर्ट) ने लालू यादव, तेजस्वी यादव, राबड़ी देवी, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती और हेमा यादव समेत पर चार्ज फ्रेम कर दिया है। कोर्ट के फैसले पर सियासत भी गर्म हो गई है। बीजेपी और जदयू के प्रवक्ताओं ने लालू परिवार पर पॉलिटिकल-क्रिमिलन सिंडिकेट चलाने का आरोप लगाते हुए त्वरित सुनवाई की मांग की है। यह भी डिमांड किया है कि देश भर में लालू परिवार की संपत्तियों की जांच की जाए।

स्पेशल सीबीआई कोर्ट का फैसला आते ही लालू परिवार पर हमले की झड़ी लग गई। बीजेपी प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा लालू यादव का पूरा परिवार पॉलिटिकल-क्रिमिनल सिंडिकेट चलाता है। कोर्ट के निर्णय से यह साबित हो गया। भ्रष्ट आचरण से अकूत सम्पत्ति बनाने का टूल समझकर राजनीति करते हैं। पूरे देश में इस परिवार की संपत्ति है। इस परिवार ने बिहार के सरकारी खजाने को लूटकर अपनी संपत्ति बनाई है। बिहार की गरीब जनता को लूटा है।

उन्होने तेजस्वी यादव पर भी हमला किया। कहा कि वे पार्ट टाइम पॉलिटिशियन हैं। कोर्ट के ऑर्डर से देश में लैड किए हैं नहीं तो अबतक विदेश में छुट्टियां मनाते रहते। नीरज कुमार ने कहा कि भारत का कानून सबके लिए बराबर है। पहले जनता ने 25 सीटों पर समेट दिया। अब कोर्ट ने आरोप गठित कर दिया।

जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने भी फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए लालू परिवार को घेरा। कहा कि कोर्ट का यह कहना कि क्रिमिनल पॉलिटिकल सिंडिकेट लालू परिवार चला रहा था, बहुत शर्मनाक है। लालू यादव राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा दें। राबड़ी देवी के परिजन नाटा चौधरी से भी लालू यादव ने नौकरी के बदले जमीन ले लिया। उन्हें भी विधान परिषद से इस्तीफा दे देना चाहिए। तेजस्वी यादव के उपनाम तरुण के नाम से संपत्ति ली गई। उनके चाचा मंगरु राय से जमीन लिया गया। यह फेहरिस्त लंबी है। न्यायपालिका ने इसे सही माना है। तेजस्वी यादव भी इस्तीफा देकर मानकर स्थापित करें। उन्होंने न्यायालय से आग्रह किया कि जल्द सुनवाई करके इस मामले में फैसला सुनाया जाए।

Sudhir Kumar

लेखक के बारे में

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टीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।

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