पटना मेट्रो में नौकरी के लिए चल रहा था फर्जी इंटरव्यू, पुलिस पहुंच गई; हड़कंप
पुलिस ने मीठापुर बाइपास पिलर संख्या-88 पीएनबी बिल्डिंग के चौथे तल के फ्लैट संख्या 401 में छापेमारी की। मौके पर सुपौल की कोसी कॉलोनी निवासी अखिलेश चौधरी, नवादा की बभनवली गली के दिनेश साव तथा सहरसा के नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया गया।

पटना मेट्रो में तकनीकी अधिकारी, क्लर्क पदों पर नौकरी दिलाने के लिए मीठापुर में बुधवार को फर्जी इंटरव्यू चल रहा था। इसी बीच पुलिस ने वहां छापेमारी की। तीन शातिरों को दबोच लिया। पूछताछ में पता चला कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी के लिए 10 लाख में सौदा करते थे। पहले ऑनलाइन फार्म भरवाते थे, फिर 50-60 हजार लेकर मीठापुर स्थित फ्लैट में साक्षात्कार के लिए बुलाते। अलग-अलग अभ्यर्थियों से आठ लाख की वसूली की गई थी। गिरोह के कई सदस्य राज्य के अलग-अलग जिलों से अभ्यर्थियों को बुलाकर पटना लाते थे।
पटना सदर-1 के एएसपी ने बताया कि 28 दिसंबर को सूचना मिली कि मीठापुर में एक फ्लैट में लोगों को झांसा देकर मेट्रो में नौकरी दिलाने के लिए साक्षात्कार हो रहा है। इस पर बुधवार को पुलिस ने मीठापुर बाइपास पिलर संख्या-88 पीएनबी बिल्डिंग के चौथे तल के फ्लैट संख्या 401 में छापेमारी की। मौके पर सुपौल की कोसी कॉलोनी निवासी अखिलेश चौधरी, नवादा की बभनवली गली के दिनेश साव तथा सहरसा के नवनीत कुमार को गिरफ्तार किया गया।
वहां कुछ लोगों का साक्षात्कार भी चल रहा था। प्रवेश पत्र और अन्य कागजात मिले। फर्जीवाड़ा करने वालों ने बताया कि लोगों से 1179 रुपये लेकर ऑनलाइन फॉर्म भरवाते थे। फिर साक्षात्कार के लिए 50-60 हजार लेकर पटना बुलाते थे। साक्षात्कार के बाद नौकरी दिलाने के लिए 10 लाख पर सौदा करते थे। इस संबंध में जक्कनपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सहरसा का नवनीत, सुपौल का अखिलेश लेता था इंटरव्यू
पुलिस को यह भी पता चला है कि पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड दानापुर का अखिलेश यादव है। वह फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी हो रही है। एएसपी ने बताया कि सहरसा का नवनीत कुमार और सुपौल का अखिलेश चौधरी इंटरव्यू लेते थे। नवनीत पहले साइबर कैफे चलाता था। बाद में वह गिरोह में शामिल हो गया। गिरोह में कई अन्य सदस्य हैं इसलिए तीनों आरोपितों को पुलिस रिमांड पर लेगी।





