जनता तू-तड़ाक पर नपेंगे पुलिस वाले, डीजीपी विनय कुमार का फरमान; अफसरों को भेजा गया पत्र
पुलिस मुख्यालय ने सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों को आम नागरिकों के साथ शिष्टाचार के साथ व्यवहार एवं बातचीत करने के लिए निर्देश देने को कहा है।

बिहार के पुलिस मुख्यालय ने राज्य पुलिस के सभी पदाधिकारी और कर्मियों को आम नागरिकों से शिष्टाचार के साथ व्यवहार और बातचीत करने का निर्देश दिया है। ऐसा नहीं करने वाले पुलिस पदाधिकारी और कर्मी के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
बिहार के अपर पुलिस महानिदेशक (बजट, अपील व कल्याण) ने इसको लेकर पुलिस महानिदेशक, सभी अपर पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, जिलों में तैनात वरीय आरक्षी अधीक्षक एवं आरक्षी अधीक्षक और समादेष्टा व प्राचार्य को निर्देश दिया है।
एडीजी ने अपने पत्र में कहा है कि 24 नवंबर को पुलिस कल्याण कोष की बैठक हुई थी। बैठक में बिहार पुलिस एसोसिएशन के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार सिंह की ओर से बिहार में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की बेहतर पुलिसिंग पर चर्चा की गई। बैठक में बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने हाल के दिनों में पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों द्वारा नागरिकों के साथ असभ्य व्यवहार किए जाने के दृष्टांत के बारे में बताया गया। इनमें नदी थाना, पटना और कटिहार के बारसोई थाने के कुछ पुलिसकर्मियों के असभ्य व्यवहार के कारण निलंबित किए जाने की बात कही गई। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि इस तरह की घटना से न केवल बिहार पुलिस की छवि धूमिल होती है बल्कि जनविश्वास एवं सहयोग में भी कमी आती है। पुलिस मुख्यालय ने सभी अधिकारियों को अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों को आम नागरिकों के साथ शिष्टाचार के साथ व्यवहार एवं बातचीत करने के लिए निर्देश देने को कहा है। साथ ही, ऐसा नहीं करने वाले पदाधिकारियों और कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ।
बिहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित केंद्रीय प्रशासी बैठक में पुलिस कल्याण से जुड़े कई निर्णय लिए गए। शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय ने बताया कि बिहार पुलिस परोपकारी कोष से मृत पुलिसकर्मियों के आश्रितों के 56 आवेदनों पर विचार कर 25 वर्षों के लिए सात लाख 68 हजार की राशि स्वीकृत कर भुगतान करने की अनुशंसा की गई। पुलिस सहाय्य एवं कल्याण कोष से 14 पुलिस पदाधिकारियों को आठ लाख 68 हजार की राशि भुगतान करने का अनुमोदन किया गया। इसी तरह, 54 आवेदनों की समीक्षा कर दस लाख 49 हजार की राशि भुगतान करने की अनुशंसा की गई। बिहार पुलिस शिक्षा कोष से 292 आवेदनों की समीक्षा कर 72 लाख 95 हजार की राशि स्वीकृत कर भुगतान करने की अनुशंसा की गई। बैठक में निर्णय हुआ कि ड्यूटी के दौरान पुलिस पदाधिकारी या कर्मी के लापता होने पर उनके आश्रितों को परोपकारी कोष से एकमुश्त एक लाख की राशि अनुदान स्वरूप देने का निर्णय लिया गया। इस अनुदान राशि की स्वीकृति की शक्ति डीजीपी के पास होगी।
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Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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