थानेदार पर 5 हजार जुर्माना, वेतन से काटने का आदेश; नाबालिग से हैवानियत में पॉक्सो कोर्ट का ऑर्डर
घटना के लगभग तीन वर्ष पूरे होने वाले है। इसके बाद भी बोचहां पुलिस ने जांच पूरी नहीं की है। पुलिस की इस कार्यशैली पर कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई।

बिहार के मुजफ्फरपुर के बोचहां थाने के थानेदार पर पांच हजार का जुर्माना लगाया गया है। पॉक्सो कोर्ट ने किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के प्रयास के मामले की जांच पूरी नहीं करने पर बोचहां थानाध्यक्ष के वेतन से पांच हजार रुपये काटने का आदेश दिया है। यह राशि जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कोष में जमा कराई जाएगी। इस ऑर्डर से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है तो दूसरी ओर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
यह आदेश विशेष पॉक्सो कोर्ट-एक के न्यायाधीश धीरेंद्र मिश्र ने सोमवार को दिया है। किशोरी के पिता ने 26 मई 2023 को बोचहां थाने में एफआईआर कराई थी। कहा था कि 23 मई 23 को मो. सईद सहित सात आरोपितों ने उसकी नाबालिग पुत्री को घर से अगवा ले जाने लगे। मो. सईद ने उसकी पुत्र से दुष्कर्म का प्रयास किया। बच्ची चिल्लाने लगी और लोग जुट गए तो आरोपी बच्ची को छोड़कर फरार हो गया। इस घटना के लगभग तीन वर्ष पूरे होने वाले है। इसके बाद भी बोचहां पुलिस ने जांच पूरी नहीं की है। पुलिस की इस कार्यशैली पर कोर्ट ने गंभीर चिंता जताई। नाबालिग से हैवानियत जैसे मामलो में भी पुलिस तत्परता के साथ काम नहीं करती है।
बोचहां थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण
एक दूसरे मामले में बोचहां थानाध्यक्ष से कोर्ट ने शोकॉज किया है। किशोरी को अगवा कर दुष्कर्म के प्रयास व विरोध पर परिजनों से मारपीट करने के आरोपितों को गिरफ्तार नहीं करने पर बोचहां थानाध्यक्ष से विशेष कोर्ट ने स्पष्टीकरण पूछा है। इस मामले में किशोरी ने अजय सहनी सहनी सहित 11 आरोपितों के विरुद्ध बोचहां थाने में 18 नवंबर 2019 को एफआईआर कराई थी। पुलिस ने 30 जुलाई 2020 को चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें से आरोपित अजय सहनी व रामबालक सहनी विशेष कोर्ट में उपस्थित हो रहे हैं।
मीनापुर थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण
मीनापुर के एक गांव में छह मार्च 2024 को 17 वर्षीया किशोरी को अगवा कर शादी करने के मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं करने पर विशेष पॉक्सो कोर्ट संख्या-एक ने थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण पूछा है। इस संबंध में किशोरी की मां ने अमरजीत कुमार व रामसागर राय सहित अन्य को आरोपित बनाया था।
मुजफ्फरपुर पुलिस के खिलाफ कोर्ट के इन आदेशों से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वरीय अधिकारियों ने केस डिपोजल पर दबिश बढ़ा दी है। अधिक दिनों से लंबित कांडों का अनुसंधान जल्द पूर्ण करने का आदेश दिया गया है। पुलिस के अनुसंधान में देरी से न्यायालय पर बोझ बढ़ जाता है।
लेखक के बारे में
Sudhir Kumarटीवी, प्रिंट और डिजिटल पत्रकारिता में लगभग 18 साल का अनुभव रखने वाले सुधीर कुमार लाइव हिन्दुस्तान में अगस्त 2021 से बतौर चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर/को-ऑर्डिनेटर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में हिन्दुस्तान दैनिक से इंटर्न के रूप में करियर की शुरुआत की। सुधीर ने लंबे समय तक ईटीवी/न्यूज18 में रिपोर्टर के रूप में बिहार और झारखंड में काम किया। दोनों राज्यों की राजनीति के साथ क्राइम, भूगोल और कल्चर की समझ रखते हैं। झारखंड में नक्सली वारदातों की कवरेज के साथ बिहार के चर्चित बालिकागृह कांड की पहली टीवी रिपोर्टिग कर गुनाहगारों का चेहरा उजागर किया। सुधीर ने स्थानीय से लेकर राष्ट्रीय स्तर तक के मुद्दों को कवर किया है और ह्यूमैन रिलेशन्स पर भी लिखते हैं। साइंस बैकग्राउंड के विद्यार्थी सुधीर कुमार ने इंदिरा गांधी नैशनल ओपन यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया है। डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में खास रूचि रखते।
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