
PMCH के जिस ईसीजी रुम में महिला से हुई छेड़छाड़ वहां पहुंची पुलिस, निजी अंगों को छूने का है आरोप
युवती का आरोप है कि ईसीजी जांच करने के दौरान कर्मी ने गलत इरादे से उसके निजी अंगों को कई बार छुआ था। इसका विरोध करने पर गार्ड ने भी पीड़िता के परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की थी। पीड़िता की शिकायत पर 22 नवंबर को पीरबहोर थाने में केस दर्ज किया गया था।
पीएमसीएच में इलाज कराने गई 20 वर्षीय युवती के साथ छेड़खानी मामले में पुलिस ने रविवार को वहां लगे सीसीटीवी फुटेज को खंगाला। सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता छोटी बहन के साथ ईसीजी कक्ष में जाती दिख रही है। हालांकि ईसीजी कक्ष में कोई कैमरा नहीं है। लिहाजा घटना के वक्त का कोई फुटेज पुलिस को नहीं मिला। इस मामले में पुलिस ने आरोपित ईसीजी कर्मी, अस्पताल की नर्सों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ की। कर्मी छेड़छाड़ की बात से इंकार कर रहे हैं। स्पष्ट सबूत नहीं मिलने से फिलहाल पुलिस किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है। डीएसपी टाउन-1 राजेश रंजन ने बताया कि जांच जारी है। सभी का बयान दर्ज हो रहा है।
सालिमपुर अहरा निवासी युवती सांस लेने में परेशानी होने पर शुक्रवार की आधी रात इलाज के लिए पीएमसीएच के इमरजेंसी वार्ड गई थी। डाक्टरों उसे ईसीजी करवाने की सलाह दी थी। युवती का आरोप है कि ईसीजी जांच करने के दौरान कर्मी ने गलत इरादे से उसके निजी अंगों को कई बार छुआ था। इसका विरोध करने पर गार्ड ने भी पीड़िता के परिजनों के साथ धक्का-मुक्की की थी। पीड़िता की शिकायत पर 22 नवंबर को पीरबहोर थाने में केस दर्ज किया गया था। पुलिस की टीम ने रविवार को ईसीजी रूम और अस्पताल में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
पुरुष कर्मी ही करते हैं महिला का ईसीजी
पुलिस ने अस्पताल प्रशासन से महिला का ईसीजी पुरुष कर्मी के करने के बारे में पूछताछ की। इसमें जवाब मिला कि फिलहाल पुरुष कर्मी ही ईसीजी करता है। दरअसल ईसीजी के लिए इलेक्ट्रोड को सीने में कई जगह पर चिपकाया जाता है। पुलिस का मानना है कि यदि महिला कर्मी यह कार्य करती तो कोई बखेड़ा ही नहीं होता। फिलहाल पुलिस अधिकारियों की राय और कर्मियों से पूछताछ में जुटी है।





