
तेंदुए और हिरण के खाल की तस्करी, बिहार के पूर्व मंत्री का बेटा धराया; झारखंड से जुड़े तार
अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ा गया पंकज कुमार झा एक राजनीतिक रूप से रसूखदार परिवार से आता है और उसका ससुराल झारखंड की राजधानी रांची में है। उसकी गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इलाकों में हलचल तेज हो गई।
बिहार में वन्य जीव तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। मधुबनी जिले के झंझारपुर में वन विभाग की टीम ने शुक्रवार को झंझारपुर रेलवे स्टेशन के पास आरएस थाना क्षेत्र स्थित आवास में छापेमारी कर एक तेंदुआ और दो हिरण की खाल बरामद की है। मामले में चार तस्करों को रंगेहाथ पकड़ा गया है, जिनमें बिहार के एक पूर्व मंत्री का पुत्र पंकज कुमार झा भी शामिल है। आरोपियों को शनिवार को जेल भेज दिया गया है।
जब्त खाल झारखंड के पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र की बताई जा रही है। आरोपितों में झंझारपुर थाना क्षेत्र के दक्षिण बेहट (वार्ड छह, वर्तमान नगर परिषद) निवासी पंकज कुमार झा, लखनौर थाना क्षेत्र के रहिका निवासी अजय कुमार झा, मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के धीरज कुमार श्रीवास्तव और पूर्वी चंपारण जिले के फेनहारा प्रखंड के निवासी चंदन कुमार सिंह शामिल हैं।
पूर्व मंत्री के पुत्र की गिरफ्तारी से हड़कंप
अधिकारियों के मुताबिक, पकड़ा गया पंकज कुमार झा एक राजनीतिक रूप से रसूखदार परिवार से आता है और उसका ससुराल झारखंड की राजधानी रांची में है। उसकी गिरफ्तारी की खबर फैलते ही इलाकों में हलचल तेज हो गई। लोग सहज विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि इतने प्रभावशाली परिवार का व्यक्ति ऐसे संगीन अपराध में शामिल हो सकता है।
तीन से पांच साल की हो सकती है सजा
मिथिला वन प्रमंडल, दरभंगा के पदाधिकारी भास्कर चंद्र भारती ने बताया कि सभी आरोपितों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस अपराध में तीन से पांच साल तक की सजा का प्रावधान है। वन विभाग अब तस्करी के पूरे नेटवर्क और इसके पीछे के सरगनाओं की तलाश में जुट गया है।
झंझारपुर के जेल अधीक्षक, राकेश कुमार ने कहा कि वन जीव क्रूरता अधिनियम के तहत शनिवार शाम झंझारपुर आरएस थाना क्षेत्र के पंकज झा सहित चार लोगों को न्यायिक हिरासत में उपकारा भेजा गया है।





