
पटना में धराए यूपी-बिहार के 13 साइबर ठग, 40 लोगों से 14 करोड़ से ज्यादा की ठगी
अब तक जांच में 40 लोगों से 14 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शातिर कमीशन पर लिए खातों में रुपये मंगा उसे निकाल लेते थे। गिरफ्तारी के डर से गिरोह लगातार ठिकाने बदलता रहता था।
पटना मे साइबर थाना पुलिस ने खाजपुरा स्थित एक होटल से यूपी और बिहार के 13 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। साइबर ठग बिटक्वॉयन में निवेश, cyber र बैठे नौकरी और लोन दिलाने आदि के नाम पर देशभर के लोगों से ठगी कर चुके हैं। उनके पास से 15 मोबाइल फोन और एक कार बरामद की गई है। अब तक जांच में 40 लोगों से 14 करोड़ रुपये से अधिक की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। शातिर कमीशन पर लिए खातों में रुपये मंगा उसे निकाल लेते थे। गिरफ्तारी के डर से गिरोह लगातार ठिकाने बदलता रहता था।
आरोपितों ने परिजनों के इलाज के बहाने होटल किराए पर लिया था। गिरोह दो हफ्ते से पटना में रहकर ठगी कर रहा था। साइबर थाना प्रभारी और डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि पुलिस को 10 अक्टूबर को सूचना मिली कि खाजपुरा स्थित एक होटल से साइबर ठग गिरोह का संचालन किया जा रहा है। वहां अंतरराज्यीय गिरोह के कई ठग मौजूद हैं।
इसकी जानकारी के बाद एसटीएफ और शास्त्री नगर पुलिस के सहयोग से होटल में छापेमारी कर वहां से 13 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपितों में पांच उत्तर प्रदेश के जबकि अन्य बिहार के अलग-अलग जिले के रहने वाले हैं। पीड़ितों में उत्तर प्रदेश, जम्मू कश्मीर, राजस्थान, दिल्ली, चेन्नई व अन्य राज्यों के लोग शामिल हैं।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार पांच साइबर ठग उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। उनकी पहचान कानपुर निवासी अनुराग वर्मा, रायबरेली के प्रह्लाद , काशगंज निवासी नरेंद्र कुमार, प्रयागराज के वीरेंद्र यादव और रवि किशोर के रूप में हुई है। पटना के रूपसपुर निवासी कुंदन कुमार, जहानाबाद के रंजीत पासवान, पालीगंज निवासी अमन को पकड़ा गया है।
एएआई के अधिकारी से 4.15 लाख की ठगी
इधर साइबर अपराधियों ने एयरपोर्ट ऑथरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) के अधिकारी से 4.15 लाख की ठगी कर ली। क्रेडिट कार्ड का लिमिट बढ़ाने के नाम पर ठगी की गई। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। एएआई अधिकारी पटना एयरपोर्ट पर कार्यरत हैं। उनके पास एक अंजान नंबर से फोन आया था।
कॉल करने वाले ने खुद को पीएनबी क्रेडिट कार्ड संभाग का कर्मी बताते हुए क्रेडिट कार्ड बनवाने का आग्रह किया। बहाने से उसने पीड़ित के पास मौजूद क्रेडिट कार्ड की जानकारी ले ली। इसके बाद साइबर ठग ने आधे घंटे के अंदर अधिकारी के छह क्रेडिट कार्ड से सात बार में 4.15 लाख उड़ा लिए।





