Hindi NewsBihar NewsPMCH itself is unwell as patients fail to get any information on who how what on its website
खुद बीमार है PMCH, इलाज तो बाद की बात; किससे, क्या, कैसे तक नहीं बता पा रही वेबसाइट

खुद बीमार है PMCH, इलाज तो बाद की बात; किससे, क्या, कैसे तक नहीं बता पा रही वेबसाइट

संक्षेप:

मुजफ्फरपुर की रेप पीड़िता दलित बच्ची की इलाज के बिना मौत से बदनामी के नए आरोप झेल चल रहा पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) खुद ही बहुत बीमार है। पीएमसीएच वेबसाइट पर किससे, क्या और कैसे जैसी जानकारी ही नहीं है।

Jun 05, 2025 04:27 pm ISTRitesh Verma लाइव हिन्दुस्तान, पटना
share Share
Follow Us on

मुजफ्फरपुर की दलित रेप पीड़िता की बिना इलाज के मौत से पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) की बदनामी का नया दौर चल रहा है। पीएमसीएच में घंटों इंतजार और इलाज हाथ से निकलने के बाद भर्ती की गई 9 साल की बच्ची की मौत से विपक्षी आंदोलित हैं और इसके लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय को कोस रहे हैं। सड़क से राजभवन तक प्रदर्शन और मार्च चल रहा है। चार महीने बाद विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ये मामला अब ठंडा होता दिख नहीं रहा। दलितों के बड़े बड़े नेता चिराग पासवान और जीतनराम मांझी एनडीए में हैं। कांग्रेस ने जब दोनों की चुप्पी पर सवाल उठाया तो चिराग ने नीतीश को चिट्ठी लिखी है। सरकार ने मुजफ्फरपुर से लेकर पटना तक स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में कुछ ऐक्शन लिया है।

प्यार से लेकर प्रमोशन तक 2026 का पूरा हाल जानें ✨अभी पढ़ें

यूट्यूबर एक्टिविस्ट मनीष कश्यप की पीएमसीएच में डॉक्टरों द्वारा पिटाई की चर्चा थमी भी नहीं थी कि इस केस ने बिहार के 100 साल पुराने और सबसे बड़े अस्पताल में अराजकता की हद तक फैली अव्यवस्था को सबसे सामने ला दिया है। प्रशासनिक लापरवाही ऐसी है कि पीएमसीएच खुद ही बीमार दिख रहा है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल की वेबसाइट पर एक मरीज को कोई भी काम की जानकारी नहीं मिल सकती। वेबसाइट है लेकिन नाम का। साइट के ज्यादातर सेक्शन में कोई सूचना नहीं है, कोई पेज नहीं खुलता। विभागों की लिस्ट वाले पेज पर विभाग चाहे कोई भी हो, सबके आगे किसी वार्ड का एक ही फोटो लगा है।

मुजफ्फरपुर की रेप पीड़िता की पीएमसीएच में मौत, बेड नहीं मिलने का आरोप लगा कांग्रेस ने किया बवाल

पीएमसीएच की साइट खोलने पर जो पेज खुलता है, उसमें ओपीडी, इमरजेंसी, डिपार्टमेंट, 24x7 सेवा, मेडिकल सर्विस के नाम के डब्बे बने हैं लेकिन क्लिक करने पर एक का भी पेज नहीं खुलता है। मतलब, डब्बा बनाकर छोड़ दिया गया है, पेज नहीं बनाया गया है जहां इन सेवाओं के बारे में कोई डिटेल जानकारी ले सके। डिपार्टमेंट का एक टैब ऊपर भी दिया गया है, उसे क्लिक करने पर एक पेज आता है, जिसमें सारे विभागों के नाम हैं। उनको क्लिक करने पर ओपीडी का समय और किस दिन किस डॉक्टर की ड्यूटी है, ये पता चलता है। कुछ विभागों में किसी की ड्यूटी नहीं दिखती। कई और विभागों में भी आधा-अधूरा रोस्टर है, किसी में दो दिन का, किसी में तीन दिन।

रेप पीड़िता मौत मामले में नीतीश सरकार का एक्शन, PMCH-SKMCH के प्रभारी हटाए गए

पीएमसीएच में कौन किस पद पर है और उससे कैसे संपर्क किया जा सकता है, ये बताने के लिए टैब बनाया गया है- संगठन चार्ट। लेकिन इसको क्लिक करने पर कोई पेज नहीं खुलता। यहां तक कि अस्पताल के अधीक्षक के मैसेज के टैब से भी कोई पेज नहीं खुलता है। साइट के ऊपर में ही और भी टैब हैं, मसलन अस्पताल सुविधाएं, मरीजों के लिए, मीडिया, नोटिस और हमें संपर्क करें। कोई भी टैब काम नहीं कर रहा है। साइट का पहला पेज खुलने पर थोड़ा नीचे जाने पर दवा और ब्लड बैंक का भी बक्सा बना हुआ है लेकिन खुलता एक भी नहीं है।

यूट्यूबर मनीष कश्यप से मारपीट पर ऐक्शन, PMCH के डॉक्टरों पर केस

साइट पर लेटेस्ट अपडेट का सेक्शन है लेकिन वहां न्यूज और टेंडर दोनों टैब में 1 जनवरी 2023 की तारीख डालकर आगे Coming Soon लिखकर छोड़ दिया गया है। वेबसाइट के बिल्कुल नीचे अस्पताल के पता, ई-मेल और फोन नंबर की जगह है। फोन नंबर की जगह xxx xxx xxxx लिख दिया गया है। नंबर है नहीं या बताना नहीं है, पता ही नहीं चलता। कुल मिलाकर ये कि पीएमसीएच वेबसाइट से कोई मरीज या उसका परिवार, अस्पताल के बारे में कुछ भी पता नहीं कर सकता है। इस डिजिटल युग में अस्पताल की वेबसाइट की अनदेखी से आप समझ सकते हैं कि पीएमसीएच में ओपीडी से इमरजेंसी तक परेशान करने वाली और जानलेवा अव्यवस्था क्यों है।

ये भी पढ़ें:पप्पू यादव के बाद अब PMCH अधीक्षक पर बरसे तेजस्वी यादव, DK टैक्स गैंग का जिक्र
ये भी पढ़ें:PMCH के अधीक्षक को सेवा विस्तार क्यों,रेप पीड़िता की मौत के बाद बोले पप्पू यादव
ये भी पढ़ें:मुजफ्फरपुर रेप पीड़िता के इलाज में PMCH हुई लापरवाही? जांच के लिए बनी टीम
ये भी पढ़ें:PMCH में इलाज के बिना रेप पीड़िता की मौत से असित नाथ तिवारी बागी, BJP से इस्तीफा
Ritesh Verma

लेखक के बारे में

Ritesh Verma
रीतेश वर्मा लगभग ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय हैं। बिहार में दैनिक जागरण से करियर की शुरुआत करने के बाद दिल्ली-एनसीआर में विराट वैभव, दैनिक भास्कर, आज समाज, बीबीसी हिन्दी, स्टार न्यूज, सहारा समय और इंडिया न्यूज के लिए अलग-अलग भूमिका में काम कर चुके हैं। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar Shapath Grahan, Bihar Election Result 2025, Bihar Chunav Result, बिहार चुनाव 2025 , Bihar vidhan sabha seats , बिहार चुनाव एग्जिट पोल्स और बिहार चुनाव 2025 की खबरें पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।