
PMCH में डॉक्टर-तीमारदार भिड़ंत के बाद हड़ताल, इमरजेंसी बंद होने से लौट रहे गंभीर मरीज
PMCH Doctor Strike: पूरे मामले पर पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) ने अपना पक्ष प्रेस रिलीज जारी कर रखा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर डॉक्टरों को काम के दौरान सुरक्षा देने मे नाकामयाब रहने का आरोप भी लगाया।
PMCH Doctor Strike: पीएमसीएच में मरीज की मौत के बाद परिजनों और डॉक्टरों के बीच मारपीट हो गई। घटना के बाद बुधवार की शाम जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए। इस कारण अस्पताल की इमरजेंसी सेवा पूरी तरह ठप हो गई। डॉक्टरों के इलाज नहीं करने के कारण बुधवार की देर रात तक पीएमसीएच में अफरातफरी रही। विभिन्न जिलों से आए पचास से ज्यादा गंभीर मरीजों को बिना इलाज के लौटना पड़ा। मरीज के परिजन दूसरे अस्पताल में जाने के लिए मजबूर दिखे। पीएमसीएच के अधीक्षक आईएस ठाकुर ने कहा कि हड़ताली डॉक्टरों से काम पर लौटने की अपील की है। उन्होंने बताया कि जूनियर डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने को लेकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी राज्य सरकार को दे दी गई है। हड़ताल नहीं टूटने पर सरकार के निर्देश के अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मारपीट के बाद हड़ताल पर गए
जूनियर डॉक्टर मरीज के परिजनों के साथ हुई मारपीट के बाद हड़ताल पर गए। अस्पताल से जुड़े लोगों ने बताया कि घटनाक्रम की शुरुआत बुधवार सुबह बुजुर्ग सुरेश सिंह की ब्रेन हेमरेज से मौत के बाद हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इमरजेंसी में आए मरीज को डॉक्टर की ओर से मृत घोषित किए जाने के बाद परिजन पीएमसीएच में काम कर रही एक जूनियर डॉक्टर को बताया कि अभी उसकी सांस चल रही है। उन्हें इलाज की दरकार है।
वहां कार्यरत जूनियर डॉक्टर ने मरीज के महिला परिजन को बताया कि ईसीजी की रिपोर्ट के अनुसार मरीज की मौत हो चुकी है। आरोप है कि इतना कहने के बाद मरीज के परिजन ने महिला डॉक्टर को अपशब्द कहने लगे। वहां मौजूद कुछ डॉक्टरों ने भी आक्रोशित परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच डॉक्टरों के साथ परिजनों की भिड़ंत हो गई मारपीट होने लगी। इसके बाद आक्रोशित जूनियर डॉक्टरों की बैठक हुई और बुधवार शाम से वे हड़ताल पर चले गए।
सुरक्षा मिले, तभी काम पर लौटेंगे: एसोसिएशन
पूरे मामले पर पीएमसीएच के जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन (जेडीए) ने अपना पक्ष प्रेस रिलीज जारी कर रखा। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर डॉक्टरों को काम के दौरान सुरक्षा देने मे नाकामयाब रहने का आरोप भी लगाया। बुधवार को पीएमसीएच के इमरजेंसी (आईजीसीसी) में महिला और पुरुष डॉक्टरों के साथ मारपीट व गाली-गलौज की गई।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन और राज्य सरकार के समक्ष अपनी तीन सूत्री मांगें भी रखी। इसमें पीएमसीएच के सभी विभागों में डॉक्टरों को सुरक्षा प्रदान करने, मारपीट की प्रत्येक घटना पर प्राथमिकी दर्ज कराने और पीएमसीएच परिसर में कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होने तक जूनियर डॉक्टर अपनी सेवाएं नहीं देंगे। गुरुवार को ओपीडी का बहिष्कार करने का भी ऐलान किया।
ब्रेन हेमरेज से बुजुर्ग की मौत के बाद हुआ हंगामा
सुल्तानगंज महेंद्रू निवासी बुजुर्ग सुरेश सिंह के बेटे अमन सिंह ने बताया कि उसके पिता को ब्रेन हेमरेज हुआ था। तीन दिन पहले रविवार को पीएमसीएच में भर्ती कराया था। आज उनकी हालत पहले से खराब हो गई। उनका ईसीजी हुआ, तब मेरी बहन साथ थी। इस दौरान मेरी बहन ने डॉक्टर से आग्रह करते हुए कहा सिर और शरीर गर्म हो रहा है। यह सुनकर डॉक्टर भड़क गए और मारपीट पर उतारू हो गए। थानेदार सज्जाद गद्दी ने बताया कि पीएमसीएच की इमरजेंसी में लड़ाई-झगड़ा का मामला सामने आया है। शिकायत मिली है। मामले की जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।





