3000 नहीं, 2000 ही आएंगे; बिहार में PM किसान के साथ कर्पूरी योजना की राशि अभी नहीं मिलेगी
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत बिहार के 73 लाख 34 हजार किसानों के बैंक खाते में कुल 1462 करोड़ रुपये की राशि जारी की जाएगी। हालांकि, इसके साथ अभी कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि का पैसा नहीं मिलेगा।

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम किसान) की 22वीं किस्त की तारीख घोषित हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च 2026 को असम के गुवाहाटी से पीएम किसान योजना की आगामी किस्त जारी करेंगे। बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि राज्य के 73.34 लाख से अधिक पात्र किसानों को भी इस किस्त का लाभ मिलेगा। उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से लगभग 1467 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। यानी प्रत्येक किसान को 2000 रुपये मिलेंगे। हालांकि, बिहार सरकार की हाल ही में लागू हुई कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि के अतिरिक्त 1000 रुपये उन्हें अभी नहीं मिलेंगे। यानी कि किसानों के खाते में शुक्रवार को 3000 नहीं बल्कि दो-दो हजार रुपये ही आएंगे।
कृषि मंत्री ने बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को सशक्त बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की एक ऐतिहासिक पहल है। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन समान किस्तों में सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जाती है। इससे राज्य के किसानों को आर्थिक संबल मिलेगा तथा कृषि कार्यों के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
उन्होंने कहा कि बिहार सरकार भी किसानों को इस योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है। बिहार सरकार राज्य के किसानों का व्यापक स्तर पर पंजीकरण, आधार सत्यापन तथा बैंक खातों की एनपीसीआई से लिंकिंग सुनिश्चित कराई जा रही है ताकि किसानों को समय पर योजना का लाभ मिल सके।
कृषि मंत्री ने राज्य के सभी किसानों से अपील की कि जो अभी तक पीएम किसान सम्मान निधि योजना से नहीं जुड़े हैं, वे शीघ्र अपना पंजीकरण कराएं और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करें, ताकि उन्हें भी इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ प्राप्त हो सके। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को आधुनिक बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार मिलकर निरंतर कार्य कर रही हैं।
कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि का पैसा अभी नहीं मिलेगा
पीएम किसान की तर्ज पर बिहार सरकार भी इस साल जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना लेकर आई। इसके तहत पीएम किसान के सालाना 6000 रुपये से अतिरिक्त 3000 रुपये और बिहार के किसानों को दिए जाएंगे। यह योजना लागू कर दी गई है। सरकार ने कहा था कि आगामी पीएम किसान योजना किस्त के साथ कर्पूरी ठाकुर सम्मान निधि का भी पैसा मिलेगा। ऐसे में किसानों को उम्मीद थी कि 22वीं किस्त में 2-2 हजार रुपये की जगह उन्हें 3-3 हजार मिलेंगे।
मगर फिलहाल राज्य सरकार की ओर से जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना का पैसा नहीं जारी किया है। ऐसे में शुक्रवार को आने वाली किस्त में पीएम किसान का दो-दो हजार रुपये ही मिलेगा।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


