केसी सिन्हा समझ गए राजनीति का गणित, BJP में शामिल, कहा- करंट के खिलाफ नहीं चलना
KC Sinha BJP: गणित के मशहूर शिक्षक प्रोफेसर केसी सिन्हा प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए हैं। बांकीपुर में उप-चुनाव के मौके पर सिन्हा का जाना प्रशांत के लिए यह झटका है।

KC Sinha BJP: गणित के नामी शिक्षक और मैथ की कई किताबों के लेखक प्रोफेसर केसी सिन्हा ने बांकीपुर सीट पर उप-चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (जेएसपी) को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) का पटका पहन लिया है। बिहार विधानसभा के लिए नवंबर 2025 में हुए चुनाव में प्रो. केसी सिन्हा पटना जिले की कुम्हरार सीट से जन सुराज पार्टी के टिकट पर लड़े थे और महज 15 हजार वोट जुटा सके थे। बुधवार को पटना में भाजपा कार्यालय में प्रोफेसर कृष्ण चंद्र सिन्हा उर्फ केसी सिन्हा ने जन सुराज छोड़ने के फैसले पर कहा कि करंट के साथ (सरकार) चलना चाहिए। प्रो. सिन्हा को जन सुराज के शुरुआती नेताओं में गिना जाता है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने सिन्हा के साथ जन सुराज पार्टी से चुनाव लड़े बिट्टू सिंह और गोपाल सिंह को भी पार्टी में शामिल कर लिया है।
भाजपा में शामिल होने के बाद प्रो. केसी सिन्हा ने प्रशांत किशोर को शुभकामना देते हुए कहा कि वो बांकीपुर के वोटर नहीं हैं। भाजपा में आने पर उन्होंने कहा कि राष्ट्रहित सर्वोपरि है, राष्ट्र को मजबूत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत शिक्षा का केंद्र था और फिर से इसको शिक्षा का केंद्र बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जन सुराज पार्टी में भी वो सिर्फ शिक्षा की बात करते थे। जन सुराज पार्टी से मोहभंग के सवाल पर प्रोफेसर केसी सिन्हा ने राजनीति का गणित समझने का संकेत देते हुए बिना लाग-लपेट के कहा- ‘करंट के विरुद्ध चलिएगा तो बहुत समय लगेगा। करंट के साथ चलिएगा तो.. बिना सरकार के..।’
प्रो सिन्हा ने संजय सरावगी की मौजूदगी में बीजेपी दफ्तर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस समय राष्ट्रहित सर्वोपरि है। उन्होंने कहा कि दुनिया में युद्ध का बादल मंडरा रहा है, उस परिस्थिति में केंद्र सरकार का हाथ मजबूत करना चाहिए। हमारी सरकार मजबूत है, लेकिन और मजबूत करना चाहिए ताकि विश्व में भारत का डंका बज सके। सिन्हा ने कहा कि पूरा विश्व भारत की तरफ उम्मीद से देख रहा है, भारत पहले भी विश्वगुरु रह चुका है। उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा का स्तर सबसे ऊपर था, हम शिक्षा के क्षेत्र में थे विश्वगुरु थे। जब आने-जाने की सुविधा नहीं थी, तब विदेश के दस हजार बच्चे नालंदा यूनिवर्सिटी में शिक्षा हासिल करते थे। उन्होंने कहा कि वो देश को फिर से शिखर पर पहुंचाने के लिए भाजपा में शामिल हो रहे हैं।


