बीजेपी से पवन सिंह MLC बनेंगे, संजय मयूख रिपीट, अनिल ठाकुर, शीला प्रजापति भी कैंडिडेट लिस्ट में
भाजपा ने बिहार विधान परिषद चुनाव के उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। भोजपुरी स्टार पवन सिंह को एमएलसी का टिकट दिया गया है। भाजपा ने कुल चार उम्मीदवारों के नामों का शुक्रवार को ऐलान किया।

भोजपुरी स्टार पवन सिंह बिहार विधान परिषद जाएंगे। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें एमएलसी कैंडिडेट बनाया है। बिहार बीजेपी ने एमएलसी चुनाव के लिए कैंडिडेट की लिस्ट जारी कर दी है। संजय मयूख को एक बार फिर विधान परिषद जाने का मौका मिलेगा। भाजपा ने प्रदेश उपाध्यक्ष अनिल कुमार ठाकुर और शीला प्रजापति को भी विधान परिषद चुनाव का उम्मीदवार बनाया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह की ओर से शुक्रवार को लिस्ट जारी की गई।
इस साल हुए राज्यसभा चुनाव में भी पवन सिंह के बीजेपी उम्मीदवार बनाए जाने की चर्चा चल रही थी। अब उन्हें एमएलसी उम्मीदवार बनाया गया है। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव काराकाट से निर्दलीय लड़ा था, लेकिन हार गए थे। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने भाजपा में वापसी कर ली थी।
संजय मयूख को पार्टी ने किया रिपीट
भाजपा के एमएलसी संजय मयूख को पार्टी ने एक बार फिर विधान परिषद जाने का मौका दिया है। संजय की सीट का कार्यकाल इसी महीने खत्म होने जा रहा है। चुनाव जीतने के बाद वह 6 और साल के लिए एमएलसी बने रहेंगे। उनका नाम पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की संभावित उम्मीदवारों की सूची में भी चल रहा था। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के इस्तीफे के बाद बांकीपुर सीट खाली हुई थी।
8 जून तक नामांकन
बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा निर्वाचन आयोग ने पिछले महीने की थी। विधानसभा कोटे वाली 9 MLC सीटों का कार्यकाल इस महीने खत्म हो रहा है, इन पर चुनाव के लिए 18 जून को मतदान होगा। नामांकन की प्रक्रिया चल रही है। 8 जून को पर्चा दाखिल करने की आखिरी तारीख है। चुनाव में जीत दर्ज करने वाले प्रत्याशी अगले 6 साल तक के लिए एमएलसी बनेंगे। जेडीयू ने भी चार उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, जिनमें स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार शामिल हैं।
इनके साथ-साथ एक एमएलसी सीट पर उपचुनाव भी होगा, जो पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से खाली हुई थी। वह अब राज्यसभा के सदस्य हैं। इस सीट का कार्यकाल 2030 तक बाकी है। जेडीयू ने इस सीट से ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है।
विधानसभा में संख्याबल के अनुसार एनडीए की 9 में से 8 सीटों पर जीत पक्की मानी जा रही है, जबकि एक सीट राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेतृत्व वाले महागठबंधन के खाते में जाएगी। विधानसभा में एनडीए के अभी 201 विधायक हैं। 9 सीटों पर एक साथ चुनाव हो रहे हैं तो गणित के हिसाब से एक एमएलसी प्रत्याशी को जीत के लिए कम से कम 25 विधायकों का वोट जरूरी है। इस तरह भाजपा, जदयू, लोजपा-आर, रालोमो और हम मिलकर 8 एमएलसी आसानी से बना देंगे।
विपक्ष में महागठबंधन के पास 35 विधायक हैं। इसके अलावा असदुद्दीन ओवैसी की AIMIM और बसपा के 6 विधायकों का वोट भी उन्हें मिल सकता है। इसलिए एक सीट पर विपक्ष का कब्जा तय माना जा रहा है। हालांकि, राज्यसभा चुनाव में आरजेडी और कांग्रेस के कुछ विधायकों ने वोटिंग से दूरी बना ली थी। ऐसा कुछ एमएलसी चुनाव में हुआ, तो नौवीं सीट पर खेला होने की बात से इनकार भी नहीं किया जा सकता है।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


