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पटना में भी पति के दीर्घायु के लिए महिलाएं रखेंगी करवा चौथ का व्रत

वीरा कुड़िए करवडा...सर्व सुहागन करवडा...ऐ कट्टी ना अटेरी ना ...खुम्ब चरखा फेरी ना...बहन प्यारी वीरा ...चन चढ़े ते पानी पीणा ले वीरा कुड़ियो करवडा लै सर्व सुहागन करवडा...करवा चौथ पूजन का यह गीत रविवार को महिलाएं आपस में थाली की अदला-बदली करते हुए गाएंगी। राजधानी पटना के लाला लाजपत राय भवन में पंजाबी बिरादरी की ओर से करवा चौथ की पूजा के लिए सार्वजनिक आयोजन होगा। इधर व्रत की पूर्व संध्या पर शनिवार को महिलाएं ने हाथों में मेहंदी रचायीं। बता दें कि राजधानी सहित पूरे प्रदेश में कार्तिक कृष्ण चतुर्थी रविवार को सनातन धर्मावलंबी  महिलाएं करवा चौथ का व्रत रखेंगी। पति के दीघार्यु और सौभाग्य के लिए महिलाएं दिनभर उपवास पर रहेंगी। रात में चांद को देखकर व्रत का समापन होगा। गेहूं का करवा भरके पूजन महिलाओं के द्वारा पति के कल्याण के लिए रखे जाने वाले करवा चौथ की कई कहानियां हैं। परन्तु सबका मूल एक ही है| कहा जाता है कि करवा चौथ के दिन व्रत कथा का पढ़ा जाना काफी महत्व रखता है| गणेश जी का पूजन करके उन्हें पूजन दान से प्रसन्न किया जाता है। 
करवा व्रत की पूर्व संध्या पर शनिवार को व्रती महिलाओं ने अपने पति के नाम की मेहंदी हाथों पर रचायीं। खास अंदाज में मेहंदी लगवाने के लिए मौर्या लोक परिसर, बोरिंग रोड, कंकड़बाग, अशोकराजपथ आदि के बाजारों में भीड़ लगी रही। 
थाली की अदला-बदली 
सीमा जी के मुताबिक दोपहर करीब 3 बजे लाला लाजपत राय भवन में करवा चौथ की पूजा के लिए पंजाबी बिरादरी की महिलाएं जुटेंगी। पूजन के दौरान फल, मेवा, मिठाई से भरी थालों की अदला-बदली (उजमन) की जाएगी। महिलाएं अपने-अपने सासू मां प्रणाम कर थाली उन्हें दे देंगी उसके बाद तेरह ब्राह्मणों को भोजन करा विदाई होगी।
चांद को अर्घ्य प्रदान करेंगी 
ज्योतिषाचार्य प्रियेन्दु प्रियदर्शी के अनुसार दिनभर व्रत रखेंगी और नए वस्त्र-शृंगार करके पूजन करके रात में चांद को छलनी से दीप के साथ देखेंगी। पति को देखते हुए वे चांद को अर्घ्य प्रदान करेंगी। अर्घ्य में दूध,शहद,मिश्री और नारियल प्रदान किया जाएगा। मान्यता है कि चंद्रमा की पूजा से मन की शांति मिलती है। 
अहले सुबह सरगही  के बाद व्रत का संकल्प 
पंजाबी बिरादरी पटना की संयुक्त सचिव सीमा खन्ना ने बताया कि रविवार की अल सुबह सूर्योदय से पहले सुहागिन महिलाएं सरगही करेंगी। सास के हाथों व्रती महिलाएं सरगही के सामान ग्रहण करेंगी। सरगही की थाली में सास अपनी बहुओं को कपड़े, नारियल, सेवई,फल-मेवा आदि सौपेंगी। सरगही करने के बाद महिलाएं व्रत का संकल्प लेंगी और पूरे दिन उपवास पर रहेंगी।
एक साहूकार के सात लड़के और एक लड़की थी| सेठानी  सहित उसकी बहुओं और बेटी ने करवा चौथ का व्रत रखा था| उसके भाइयों ने नगर से बाहर जा कर अग्नि जला दी और छलनी ले जाकर उसमें से प्रकाश दिखाते हुए बहन से कहा- चांद निकल आया है। अर्घ्य देकर भोजन कर लो| यह सुनकर उसने अपने भाभियों से कहा कि आओ तुम भी चन्द्रमा को अर्घ्य दो।  उन्होंने कहा बाई जी! अभी चांद नहीं निकला है, तुम्हारे भाई तुमसे धोखा किये हैं। भाभियों की बात सुनकर भी उसने कुछ ध्यान ना दिया एवं भाइयों द्वारा दिखाए गए प्रकाश को ही अर्घ्य देकर भोजन कर लिया। इस प्रकार व्रत भंग होने से गणेश जी अप्रसन्न हो गए। उसका पति बीमार हो गया। जो कुछ घर में था उसकी बीमारी में खत्म हो गया। उसने गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए चतुर्थी का व्रत किया। जिससे  उसकी सारी परेशानी दूर हो गई। 

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  • Web Title:Women in patna will also celebrate Karwa Chauth