DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

आपदा का इंतजार न करें, इससे लड़ने को रहें तैयार

आपदा का इंतजार न करें, इससे लड़ने को रहें तैयार

बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी ने कहा कि आपदा प्रबंधन का मतलब बदल गया है। हमें सिर्फ आपदा का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि इसके जोखिमों का आकलन करते हुए लड़ने के लिए तैयार रहना होगा। इसमें हम कामयाब होते हैं तो आपदा से होनेवाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

बिहार अग्निशाम सेवा द्वारा ग्रामीण अग्नि सुरक्षा एवं क्षमतावृद्धि पर आयोजित कार्यशाला का बामेती में उद्घाटन करने के बाद कहा कि ओडिशा में आए साइक्लोन ने आपदा प्रबंध के परिदृश्य को बदल दिया। हम आपदा का इंतजार करें या उससे लड़ने के लिए तैयारी करें। अब जोखिम की पहचान कर उसके प्रभावों को कम करने की कोशिश होती है। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि अग्निशाम सेवा अगलगी की घटनाओं को रोकने की सोच के साथ काम कर रही है। कहा कि आपदा से बचने के लिए समुदाय के सहयोग की आवश्यकता होती है जिसपर हमें काम करना होगा।

आग लगने का इंतजार क्यों करें : पीएन राय

डीजी पीएन राय ने कहा कि हम आग लगने का इंतजार क्यों करें। पहले से सचेत रहा जाए तो अगलगी की घटनाओं को न सिर्फ रोका जा सकता है बल्कि नुकसान को भी कम किया जा सकता है। इसके लिए जरूरी है कि बीडीओ, सीओ, थाना प्रभारी, मुखिया और अग्निशाम के साथ होमगार्ड मिलकर काम करें। गांवों में लोगों को जागरूक करें और उन्हें बताएं कि अगलगी से कैसे बच सकते हैं। यदि आग लग भी जाए तो उसपर कैसे जल्द काबू पाया जा सकता है। इस अवसर पर होमगार्ड के आईजी परेश सक्सेना और डीआईजी रत्नमणि संजीव ने भी अपनी बात रखी।

अगलगी से प्रभावित दस जिलों के प्रतिनिधि शामिल

कार्यशाला में अगलगी से सर्वाधिक प्रभावित दस जिलों के बीडीओ, सीओ, थानेदार, मुखिया, अग्निशाम सेवा व होमगार्ड के अफसर शामिल हुए। सर्वाधिक प्रभावित जिलों में पटना, गया, औरंगाबाद, बेगूसराय, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, दरभंगा और खगड़िया शामिल हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:We should ready to face disaster