योजनाओं में सुस्ती पर अभियंता और एजेंसी को नोटिस मिलेगा

योजनाओं में सुस्ती पर अभियंता और एजेंसी को नोटिस मिलेगा

संक्षेप:

जल संसाधन विभाग ने हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम के तहत योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर कड़ा रुख अपनाया है। जिन योजनाओं में 20% से कम कार्य हुआ है, उनसे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अब तक 1203 में से 1179 योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिससे सिंचाई क्षमता में विस्तार हुआ है।

Dec 11, 2025 07:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
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योजनाओं के कार्यान्वयन में सुस्ती पर अभियंता और एजेंसी को नोटिस मिलेगा। हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम में कई योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर जल संसाधन विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने कहा है कि जिन योजनाओं में वर्क प्रोग्राम के अनुसार निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 20 प्रतिशत से कम कार्य हुआ है, उन सभी मामलों में संबंधित कार्यपालक अभियंता एवं संवेदक से स्पष्टीकरण मांगा जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजना क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रधान सचिव ने गुरुवार को हर खेत तक सिंचाई का पानी कार्यक्रम के अंतर्गत योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।

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इसमें कई योजनाओं की मौजूदा रफ्तार निर्धारित कार्ययोजना से काफी पीछे थी। इस पर प्रधान सचिव ने नाराजगी प्रकट की। बैठक में अभियंता प्रमुख (मुख्यालय) ब्रजेश मोहन भी मौजूद रहे। प्रधान सचिव ने अधिकारियों को योजनाओं की कार्यगति बढ़ाने, मानव-बल, सामग्री और मशीनरी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए कार्यों को तेजी से पूर्ण करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी कहा कि प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाले सभी कारणों को तत्काल दूर किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई क्षमता का विस्तार समयबद्ध रूप से सुनिश्चित किया जा सके। 1179 योजनाएं हो चुकी हैं पूरी उल्लेखनीय है कि कार्यक्रम के तहत चयनित 1203 योजनाओं में से अब तक कुल 1179 योजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इनसे 3129.41 हेक्टेयर में सिंचाई क्षमता सृजित और 63.83 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का पुनर्स्थापन किया गया है। संयुक्त तकनीकी सर्वेक्षण के प्रथम चरण में कुल 429 योजनाएं निर्धारित थीं, जिनमें से 422 पूर्ण हुई हैं। द्वितीय चरण की 332 योजनाओं में से 330 और तृतीय चरण की 442 योजनाओं में से 427 पूर्ण हो चुकी हैं।