व्यवधान से सशक्त विधायिका का निर्माण नहीं हो सकता : हरिवंश

Feb 07, 2026 07:04 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
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राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि इतिहास भविष्य बदलने की क्षमता देता है। उन्हें राष्ट्र को दल से ऊपर रखने की बात कही। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बिहार के गर्व की बात की। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने लोकतंत्र में नागरिकों की भागीदारी के महत्व पर जोर दिया। लोस अध्यक्ष ने डिजिटल हाउस का उद्घाटन किया।

व्यवधान से सशक्त विधायिका का निर्माण नहीं हो सकता : हरिवंश

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा है कि इतिहास हमेशा भविष्य बदलने की ताकत देता है। निजी और दल के हित से ऊपर राष्ट्र को रखना चाहिए। गांधी और नेहरू स्व अनुशासन की बात करते थे। व्यवधान से सशक्त विधायिका का निर्माण नहीं हो सकता है। अगर संसद में हंगामा होगा तो पंचायतों में क्या होगा? हरिवंश शनिवार को बिहार विधानसभा के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। राज्यसभा उपसभापति ने कहा कि चुने हुए लोग अगर सक्षम हों तो वे संविधान को श्रेष्ठ बना सकते हैं। सदन में अध्यक्ष ही सभी निर्णय ले सकते हैं।

अगर नियम है तो स्पीकर को निर्णय लेना होगा। अगर सदन में कोई अड़ जाए तो यह तय करना होगा कि सदन एक व्यक्ति की जिद के अनुसार चलेगा या नियमानुसार, क्योंकि दल से बड़ा देश है। हमें राष्ट्र को हमेशा दल से आगे रखना होगा। केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि बिहार पवित्र धरती है और यहां के निवासियों को इस पर गर्व होना चाहिए। बिहार से काफी कुछ सीखने की जरूरत है। मैं भी बिहार से ज्ञान हासिल करता हूं। विधायिका में नियमों का पालन करना पड़ता है लेकिन आजकल कुछ लोग हैं जो नियमों का पालन नहीं करते हैं। संसदीय जीवन में लंबे समय तक रहना है तो तकनीक को अपनाना होगा। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि भूतकाल में वर्तमान व भविष्य को संभालने का अवसर देता है। विधानसभा के डिजिटल होने से गुणात्मक सुधार होगा। विधायिका सशक्त होगी। सुशासन से समृद्धि का रास्ता इसी तकनीक से तय होगा। विधानपरिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने कहा कि हल्ला करने से किसी समस्या का समाधान नहीं हो सकता। सदस्यों को जो समय मिला है, उसका सद्पयोग किया जाना चाहिए। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने संविधान से अप्रासंगिक अनुच्छेद को हटाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 104 व अनुच्छेद 193 में यह जिक्र है कि अगर कोई सदन में अनधिकृत तौर पर बैठ जाए, मत में भाग ले तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। यह अकल्पनीय है। यह अनावश्यक अनुच्छेद को हटाया जाना चाहिए। विधानसभा के उपाध्यक्ष नरेन्द्र नारायण यादव ने कहा कि विधायकों को जनता की सभी समस्याओं का निवारण करना पड़ता है, इसलिए धरती के दूसरे भगवान विधायक हैं। नागरिकों की सहभागिता से सुदृढ़ होता लोकतंत्र: प्रेम विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनावों से नहीं, बल्कि संस्थाओं की गरिमा, जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही और नागरिकों की सहभागिता से सुदृढ़ होता है। विधानसभा इस लोकतांत्रिक तंत्र की धुरी है, जहां जनता की आवाज नीतियों और कानूनों का रूप लेती है। विधानमंडल और कार्यपालिका के बीच समन्वय, संवाद और सहयोग ही लोकतंत्र को प्रभावी बनाता है। इस संदर्भ में बिहार का अनुभव देश के लिए एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। डिजिटल हाउस का लोस अध्यक्ष ने किया उद्घाटन लोस अध्यक्ष ओम बिरला ने बिहार विधानमंडल में राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन (नेवा) डिजिटल हाउस का भी उद्घाटन किया। उन्होंने विधानसभा में नेवा के क्रियान्वयन को पारदर्शिता और दक्षता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। कहा कि डिजिटलीकरण से अभिलेखों तक पहुंच सुगम होती है। विधायकों से विधायी कार्यों में डिजिटल साधनों का प्रभावी उपयोग करने का आग्रह किया।

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