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राजनीति के प्रवासी पक्षी बन चुके हैं उपेन्द्र कुशवाहा : जदयू

उपेन्द्र कुशवाहा

जदयू के मुख्य प्रवक्ता संजय सिंह ने आरोप लगाया है कि उपेन्द्र कुशवाहा की पहचान बिहार की राजनीति में प्रवासी पक्षी जैसी बन चुकी है। साइबेरियन क्रेन संकट आया देखकर पुराने को छोड़कर नए ठिकाने की तरफ कूच कर जाते हैं। उसकी पूरी ज़िन्दगी एक जगह से दूसरी जगह जाकर रहने में ही निकल जाती है। 

सिंह ने कहा कि साढ़े चार साल से ज्यादा वक्त तक केंद्र में मंत्री पद का सुख भोगते रहे तब आपको सबकुछ ठीक लग रहा था। और आज जब आपको पद छोड़ना पड़ा तो आपको केंद्र की राजग सरकार में खामियां दिख रही हैं। कहा कि उपेंद्र कुशवाहा का फैसला जनहित को ध्यान में रखकर नहीं बल्कि अपनी राजनीति को ध्यान में रखकर लिया गया निर्णय है। अवसरवादी की तरह साढ़े चार साल तक सत्ता में रहे और आज बाहर होते ही विलाप कर रहे हैं। जनता इनकी नाटकबाजी को बखूबी समझ रही है। 

एनडीए मजबूत था, रहेगा : नित्यानंद
रालोसपा के एनडीए छोड़ने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सांसद नित्यानंद राय ने कहा है कि एनडीए कल भी मजबूत था, आज भी है और कल भी रहेगा। एनडीए की मजबूती पर इसका कोई असर नहीं होगा। सोमवार को रालोसपा के निर्णय पर पत्रकारों के सवाल के जवाब में प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि बतौर केंद्रीय मंत्री उपेन्द्र कुशवाहा ने त्यागपत्र दिया है। उनका इस्तीफा स्वीकार करने का अधिकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को है। इस पर मैं कुछ नहीं कह सकता। मंत्री कौन रहें, कौन नहीं, यह पीएम के अधिकार क्षेत्र का मामला है। उपेन्द्र कुशवाहा के एनडीए छोड़ने से होने वाले असर के सवाल पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि एनडीए मजबूत था, मजबूत है और मजबूत रहेगा। जनता का विश्वास एनडीए के साथ है। 

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  • Web Title:Upendra Kushwaha has become migratory birds of Bihars politics