प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों के ज्ञान-लेखन क्षमता का हो रहा आकलन
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की लेखन क्षमता और सामान्य ज्ञान की परीक्षा ले रहा है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक खुद परीक्षा दे रहे हैं, जिसमें निबंध और पत्र लेखन शामिल हैं। इसका उद्देश्य शिक्षकों की लेखन दक्षता को परखना है ताकि वे छात्रों को बेहतर तरीके से सिखा सकें।

राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) पांच दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण ले रहे राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की लेखन क्षमता और सामान्य ज्ञान की अनोखी परीक्षा ले रहा है। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षक खुद छात्र बन रहे और परीक्षा दे रहे हैं। शिक्षकों से उनकी लेखन क्षमता का आकलन करने के लिए निबंध और पत्र लिखवाए जा रहे हैं। दरअसल कई बार शिक्षकों द्वारा लिखे गए आवेदन पत्र में अशुद्धियों के मामले सामने आए हैं। शिक्षक अवकाश, वेतन आदि को लेकर संबंधित पदाधिकारी के पास आवेदन जमा करते हैं, जिनमें कई अशुद्धियां पाई जाती है। इसी वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए परिषद प्रशिक्षण सत्र के दौरान ही विशेष आकलन कर रहा है।परीक्षा
में शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के नाम दो दिनों के आकस्मिक अवकाश के लिए आवेदन पत्र लिखने, निबंध लेखन और विभिन्न शैक्षिक व सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इसका उद्देश्य शिक्षकों की वास्तविक लेखन दक्षता को परखना है, ताकि प्रशिक्षण के बाद वे स्कूलों में बेहतर तरीके से छात्रों को लिखना-पढ़ना सिखा सकें। अभी यह परीक्षा प्रशिक्षण का हिस्सा है, ताकि हर शिक्षक की भाषाई और लिखित क्षमता का सही आंकलन किया जा सके।इस तरह के प्रश्न पूछे जा रहे- देश की पहली नगर निगम की संस्था किस राज्य में है- भारत की सबसे पुरानी पर्वत शृंखला कौन सी है- क्यूआर कोड और क्यूआर का क्या मतलब है- साइमन कमीशन पटना कब आया था- कक्षा आठ के लिए हिन्दी की पूरक पाठ्यपुस्तक का नाम क्या है- मुख्यमंत्री शैक्षणिक परिभ्रमण यात्रा के संदर्भ में 100 शब्दों में प्रतिवेदन लिखें
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