शैक्षणिक संस्थानों में विद्यार्थियों को बताए जा रहे यातायात नियम
परिवहन विभाग सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है। 2025 से शुरू हुए इस अभियान में 25 संस्थानों के 10 हजार छात्रों को प्रशिक्षित किया गया है। 31 मार्च 2026 तक 100 संस्थानों में यह संदेश पहुंचाने का लक्ष्य है। सोशल मीडिया और जनसंपर्क से लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए परिवहन विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है। शैक्षणिक संस्थानों में नौवीं से 12वीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को रोजाना प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सड़क सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। नवंबर 2025 से शुरू हुए अभियान में अब तक 25 संस्थानों के 10 हजार से अधिक छात्रों को सीधे प्रशिक्षित किया गया है, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से करीब 50 हजार छात्रों तक संदेश पहुंचाया गया है। इन संस्थानों के शिक्षक, कर्मचारी, वाहन चालक और संवाहक भी सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशिक्षित हो रहे हैं। विभाग का लक्ष्य 31 मार्च 2026 तक 100 शैक्षणिक संस्थानों में यह संदेश पहुंचाना है।
सोशल मीडिया, अखबारों और जनसंपर्क से लोगों से अपील की जा रही है कि वे आईएसआई मार्क वाले हेलमेट, सीटबेल्ट का उपयोग करें और स्पीड लिमिट का पालन करें। अभियान के तहत चालकों को सड़क यातायात संकेतों और सुरक्षा नियमों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। साथ ही जिलों में जागरूकता रथ और चालकों की नि:शुल्क नेत्र जांच भी की जा रही है। परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि लोगों की जान की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। डीएम और एसपी भी लोगों को जागरूक कर रहे हैं। ठंड के मौसम में कोहरे के कारण बढ़ने वाली दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। राष्ट्रीय और राजकीय मार्गों पर ई-रिक्शा परिचालन बंद करने और जुगाड़ गाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध के निर्देश दिये गए हैं। सड़क दुर्घटना में घायलों की तत्काल मदद करने वाले राहवीरों को 25 हजार इनाम मिलेगा।
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