DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

सहकारी बैंकों में सरकारी पैसा रखने का रास्ता निकाला जाएगा : मोदी

उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि सहकारी बैंकों में सरकारी राशि जमा करने का रास्ता निकाला जाएगा। वह जल्द ही बैठक बुलाएंगे। समस्याओं पर विचार कर उनके निराकरण की पहल की जाएगी। इसी के साथ बंद व्यापारमंडल की समीक्षा कर उन्हें पुनर्जीवित करने का प्रयास होगा। श्री मोदी रविवार को राज्य सहकारी बैंक के वार्षिक आमसभा को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बैंक किसानों को लोन देने के पहले सरकार की योजना की पूरी जानकारी दें। किसानों को पता हो कि केसीसी समय पर जमा करेंगे तो सूद पर चार प्रतिशत का अनुदान सरकार देगी। राज्य सहकारी बैंक ने बहुत अच्छा काम किया है। अपने एनपीए को घटाकर डेढ़ प्रतिश्त पर लाना इस बैंक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। लेकिन गत वर्ष सिर्फ लगभग साढ़े चार हजार किसानों को ही नया केसीसी दिया गया है। इसे बढ़ाना होगा। हालांकि वर्ष 2016-17 में इस बैंक ने एक हजार करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध 1825 करोड़ रुपये का लोन दिया। गत वर्ष और अच्छा काम हुआ और 1036 करोड़ के विरुद्ध 2570 करोड़ रुपये का लोन दिया। राज्य सरकार ने भी पहली बार किसान सहायता योजना शुरू की है। इसमें बिना किसी प्रीमियम के फसल क्षति होने पर किसानों को सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री राणा रणधीर सिंह विलम्ब से पहुंचे। इसके पहले पूर्व मंत्री रामधनी सिंह ने बंद व्यापार मंडलों की समस्या उठाई। बैंक के अध्यक्ष रमेश चौबे ने बैंकों की स्थिति से अवगत कराया।

बिस्कोमान के चेयरमैन सुनील कुमार ने रियायती दर पर यूरिया बेचने की घोषणा की। साथ ही कहा कि एक रुपये भी अधिक लेने की शिकायत करने वाले को दो हजार इनाम दिया जाएगा। बिस्कोमान ने एक लाख टन यूरिया स्टोर कर लिया है। किसानों को अब अधिक दाम पर यूरिया खरीदने की मजबूरी नहीं होगी। उप मुख्यमंत्री ने भी उनके इस पहल की सराहना की। कार्यक्रम में राम कलेवर सिंह, विजय सिंह, विनय शाही, अमर पांडेय और नाबार्ड के सीजीएम एसके मजूमदार भी थे।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:The way to keep government money in cooperative banks: Modi