अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

बिहार में 65 बनाम 35 फीसदी के बीच लड़ाई : मोदी

बिहार के 65 फीसदी मतदाता एनडीए के साथ हैं। वर्ष 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान 65 प्रतिशत बनाम 35 प्रतिशत के बीच लड़ाई है। हम राष्ट्रवाद के वैचारिक अधिष्ठान, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का नेतृत्व, अमित शाह के संगठन कौशल के साथ ही केन्द्र और राज्य सरकार के कार्यों के आधार पर जनता के बीच जाएंगे। ये बातें उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने बोधगया में आयोजित बिहार भाजपा की दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे व अंतिम दिन बुधवार को अपने संबोधन में कहीं।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को आगामी लोकसभा चुनाव में जीत का मंत्र और राज्य व केंद्र सरकार की ओर से चलाई जा रही जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी बताया।

श्री मोदी ने विपक्ष पर प्रहार करते हुए कहा कि बिहार में महागठबंधन टूट चुका है। जदयू महागठबंधन का चेहरा था जिस पर पिछले चुनाव में बड़ी जीत मिली थी। नीतीश कुमार के आने से एनडीए और मजबूत हुआ है। राजद परिवार में महाभारत छिड़ चुकी है। तेजप्रताप यादव घर पर रहते हुए भी राजद की बैठक और यहां तक कि भारत बंद में भी शामिल नहीं होते हैं। यह पारिवारिक संघर्ष जल्द ही गुल खिलाने वाला है। विपक्षियों पर जमकर प्रहार किया। कहा कि कांग्रेस सवर्णों और गरीबों को लड़ाने का काम कर रही है। इसे सफल नहीं होने देंगे। भारत बंद के दौरान राजद और कांग्रेस का हिंसक चेहरा उजागर हुआ है। जनता का साथ नहीं मिला तो हिंसा का सहारा लिया।

उप मुख्यमंत्री ने विपक्ष से पूछा कि वह बताए कि उनका प्रधानमंत्री का उम्मीदवार कौन है। 1971 में ग्रैंड एलायंस के बावजूद सम्पूर्ण विपक्षी पार्टियों को जबरदस्त शिकस्त मिली थी और वह मात्र 44 सीटों पर सिमट गयी थी। आज नरेन्द्र मोदी उस दौर के इंदिरा गांधी से भी ताकतवर हैं। गुजराल, देवगौड़ा और चन्द्रशेखर जैसी अल्पमत की कमजोर सरकारों के दौर को देखने वाले देश के लोगों को अब नरेन्द्र मोदी जैसा मजबूत नेतृत्व चाहिए। चुनाव नेतृत्वविहीन विपक्ष और नरेन्द्र मोदी के बीच होने वाला है। इसमें जीत एनडीए की ही होगी।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Sushil Modi says Fight in Bihar among 65 versus 35 percent