दुर्गा पूजा पंडाल की अधिकतम ऊंचाई 40 फुट और मूर्ति की 20 फुट होगी
दुर्गा पूजा के लिए जिला प्रशासन ने सख्त दिशा निर्देश जारी किए हैं। सभी पूजा समितियों को बिहार नियमावली, 2021 का पालन करना अनिवार्य किया गया है। मूर्तियों का निर्माण पारंपरिक सामग्रियों से होगा और...

दुर्गा पूजा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सख्त दिशा निर्देश जारी किया है। जिलाधिकारी ने सभी पूजा समितियों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बिहार (पूजा के उपरांत मूर्ति विसर्जन प्रक्रिया) नियमावली, 2021 का कड़ाई से पालन करें। पंडाल की ऊपरी संरचना की अधिकतम ऊंचाई 40 फुट और मूर्तियों की ऊंचाई 20 फुट तक ही सीमित रहेगी। मूर्ति बनाने में प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) का उपयोग प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके बजाय मूर्तियों का निर्माण पारंपरिक मिट्टी और बांस जैसी प्राकृतिक सामग्रियों से किया जाएगा। निर्देश के अनुसार मूर्तियों की रंगाई के लिए पानी में घुलनशील और गैर विषैले प्राकृतिक रंगों का ही इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि रासायनिक और गैर जैव विघटनीय रंगों पर रोक रहेगी।
मूर्तियों का विसर्जन सिर्फ कृत्रिम तालाब में होंगे। जल प्रदूषण को रोकने के लिए मूर्तियों का विसर्जन सिर्फ कृत्रिम तालाबों में होगा। किसी भी प्राकृतिक जल स्रोत जैसे नदी या तालाब में मूर्ति विसर्जन की अनुमति नहीं होगी। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली 2016 के अनुसार, विसर्जन से पहले मूर्तियों से जैव विघटनीय सामग्री को अलग से एकत्र किया जाएगा ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे पूजा समितियों को इन नियमों के बारे में अवगत कराएं और मूर्ति विसर्जन के लिए कृत्रिम घाटों और जुलूस मार्गों का निरीक्षण करें।
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