पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र कायम करना जरूरी : अरुण

हिन्दुस्तान, पटना
Follow us on Google News
share

समाजवादी चिंतक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र की कमी से देश में लोकतंत्र को मजबूत करना मुश्किल है। उन्होंने चुनाव सुधार की आवश्यकता पर जोर दिया। यह बयान सोशलिस्ट पार्टी के 92वें स्थापना समारोह के दौरान दिया गया। कई अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।

पार्टियों में आंतरिक लोकतंत्र कायम करना जरूरी : अरुण

समाजवादी चिंतक अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि पार्टियों में जब तक आंतरिक लोकतंत्र कायम नहीं होगा, तब तक देश में लोकतंत्र को मजबूत करना मुश्किल काम है। वे रविवार को सोशलिस्ट पार्टी के 92वें स्थापना समारोह पर आयोजित सोशलिस्ट संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इसका आयोजन जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान में किया गया। अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि राजनीति में बढ़ते धनबल का चलन घातक है। उन्होंने चुनाव सुधार की आवश्यकताओं पर बल दिया। केंद्रीय संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष सैयद तहसीन अहमद, गांधीवादी वसी अहमद, प्रो. विजय कुमार, संदीप पाण्डेय समेत कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।