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24 फरवरी, 2020|6:28|IST

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जिलों के चेकपोस्ट मजबूत करें, ताकि न लाई जा सके शराब : हाईकोर्ट

जिलों के चेकपोस्ट मजबूत करें, ताकि न लाई जा सके शराब : हाईकोर्ट

पटना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को शराबबंदी कानून के तहत पकड़े गए अभियुक्तों की ओर से दायर जमानत अर्जी पर सुनवाई की। इस कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि सभी जिलों के चेकपोस्ट को मजबूत किया जाना चाहिए ताकि एक जिले से दूसरे जिले में शराब नहीं लाई जा सके। प्रतिबंधित सामग्री की जब्ती पर जिम्मेवार अधिकारियों की जवाबदेही तय होनी चाहिए। ऐसी योजना बनाई जानी चाहिए, जिससे जिले में शराब के प्रवेश को प्रशासनिक चूक मानकर डीएम, एसपी और उत्पाद विभाग के अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा सके। साथ ही, प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होनी चाहिए।

न्यायमूर्ति डॉ. अनिल कुमार उपाध्याय की एकलपीठ ने शुक्रवार को एक साथ 80 जमानत अर्जियों पर सुनवाई की। इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव सह प्रधान सचिव (गृह) आमिर सुब्हानी तथा प्रधान सचिव उत्पाद कार्तिकेयन कोर्ट में उपस्थित थे।

एसीआर में जिक्र हो कि अधिकारी शराबबंदी कानून लागू करने में विफल रहे

शराब की बरामदगी करने के दौरान तैनात पुलिस अधिकारी, उत्पाद विभाग के अधिकारी तथा प्रशासनिक अधिकारी के एसीआर (वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट) में इस बात का जिक्र किया जाना चाहिए कि वे शराबबंदी कानून लागू करने में विफल रहे हैं। कोर्ट ने अतिरिक्त मुख्य सचिव सह प्रधान सचिव (गृह) और प्रधान सचिव उत्पाद को विस्तृत हलफनामा दायर करने का आदेश दिया है। वहीं कोर्ट ने शराब पीने के जुर्म में पकड़े गए सभी अभियुक्तों की एफएसएल रिपोर्ट चार मार्च के पूर्व कोर्ट में दायर करने का आदेश दिया है।

....तो सभी बरी हो जाएंगे

मामले पर सुनवाई के दौरान आवेदकों की ओर से कोर्ट को बताया गया कि माउथ एनालाइजर जांच के आधार पर पकड़े गए लेकिन किसी भी केस में एफएसएल जांच नहीं कराई गई। राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि बड़ी संख्या में शराब की बोतल और पॉलीथिन को नष्ट कर दिया गया है l इस पर कोर्ट का कहना था कि जांच रिपोर्ट के अभाव में सभी बरी हो जाएंगे।

अधिकारी बोले- सरकार इस पर गंभीर

कोर्ट में उपस्थित आला अधिकारियों ने बताया कि सरकार इस मुद्दे पर काफी गंभीर है और अधिकारियों की जिम्मेवारी तय करने, उन पर विभागीय कार्रवाई करने एवं आपराधिक मामले दर्ज करने के बारे में गंभीरता से विचार कर रही है। कोर्ट ने अधिकारियों को 20 अप्रैल तक विस्तृत हलफनामा दायर करने का आदेश दिया। साथ ही सभी अभियुक्तों को जमानत देने के बारे में सुनवाई के लिए 4 मार्च की तारीख तय की। कोर्ट ने सरकार को इन सभी मामलों में एफएसएल जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का भी आदेश दिया।

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  • Web Title:Strengthen checkposts of districts so that liquor cannot be brought High Court

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