
राज्य के पुराने 15 केंद्रीय विद्यालयों को जल्द जमीन मिलेगी
संक्षेप: राज्य में 53 केंद्रीय विद्यालयों में से 15 स्कूलों के लिए जमीन नहीं थी। शिक्षा मंत्रालय ने कई वर्षों से जमीन की मांग की। अब राज्य सरकार ने कार्रवाई तेज की है और एक रुपए की टोकन मनी पर जमीन उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इससे बच्चों के नामांकन के अवसर बढ़ेंगे और स्कूलों में दो शिफ्ट में पढ़ाई होगी।
वर्तमान में राज्य में संचालित 53 केंद्रीय विद्यालयों में से 15 के भवन के लिए अपनी जमीन नहीं है। शिक्षा मंत्रालय कई वर्षों से इन केंद्रीय विद्यालयों के लिए राज्य सरकार से जमीन मांग रही है। अब राज्य सरकार ने जमीन उपलब्ध कराने के लिए कार्रवाई तेज कर दी है। जल्द ही इन सभी 15 केंदीय विद्यालयों को जमीन मिल जाएगी। राज्य सरकार केंद्रीय विद्यालय संगठन को एक रुपए की टोकन मनी पर जमीन उपलब्ध कराएगी। जिला प्रशासन की मदद से राजस्व व भूमि सुधार विभाग द्वारा जमीन शिक्षा विभाग को हस्तांतरित होगी। इसके बाद केंद्रीय विद्यालय को जमीन मिल जाएगी।

जमीन उपलब्ध होने के बाद केंद्रीय विद्यालय संगठन इस पर भवन निर्माण कराएगा। इसके बाद इन स्कूलों में दो शिफ्ट में स्कूल संचालित होंगे। इससे स्कूल के समीप के बच्चों को केंद्रीय विद्यालय में नामांकन के अवसर बढ़ जाएंगे। नवादा में केंद्रीय विद्यालय के लिए कृषि विभाग की जमीन को शिक्षा विभाग अपनी जमीन से बदलैन कर देगा। मोतिहारी में बेतिया राज की जमीन चिह्नित की गई है। दरभंगा में भी जमीन चिह्नित की जा रही है। महाराजगंज में भी जल्द जमीन मिल जाएगी। बरौनी में रिफाइरी की जमीन का लीज नवीकरण कर केंद्रीय विद्यालय को दिया जाएगा। हाजीपुर में जगह चिह्नित की गई है। सीवान के जीरादेई में एक रुपए के टोकन पर केंदीय विद्यालय संगठन को जमीन उपलब्ध करायी जाएगी। अब तक 12 केंद्रीय विद्यालय के लिए जमीन की उपलब्धता हो गई है। विस चुनाव के बाद चिह्नित किए गए जमीन केंद्रीय विद्यालय संगठन को उपलब्घ करा दी जाएगी।

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