
जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी की गिरफ्तारी के लिए पटना और मुजफ्फरपुर में छापेमारी
संक्षेप: दुलारचंद हत्याकांड मामला -घटना में शामिल आरोपित क्षेत्र छोड़कर भागे, पुलिस दे रही घरों
मोकामा विस के तारतर गांव में हुई घटना में नामजद जन सुराज के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। घटना के बाद से ही वे भूमिगत हैं। एसआईटी ने पीयूष प्रियदर्शी की तलाश में सोमवार को पटना और मुजफ्फरपुर में ताबड़तोड़ छापेमारी की, लेकिन उन्हें गिरफ्तार नहीं किया जा सका। उधर पुलिस ने हत्या व अन्य मामले में अब तक 80 लोगों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को 20 को हिरासत में लिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है। एसएसपी कार्तिकेय के शर्मा ने बताया कि इस मामले में कोई नई गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पीयूष प्रियदर्शी व अन्य की गिरफ्तारी की कोशिश जारी है। भदौर थाना क्षेत्र में 30 अक्तूबर को अनंत सिंह और पीयूष प्रियदर्शी का काफिला गुजरने के दौरान दोनों के समर्थकों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। इस दौरान जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलराचंद यादव की हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर लगा था। मामले में पुलिस ने शनिवार की देर रात अनंत सिंह और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया था। इस मामले में जदयू प्रत्याशी के समर्थक जितेंद्र कुमार की ओर से भी जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी सहित पांच नामित के अलावा अज्ञात के खिलाफ स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। लेकिन पुलिस ने दूसरे पक्ष के किसी भी आरोपित को अब तक गिरफ्तार नहीं किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीपी ने पीयूष प्रियदर्शी को जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है। लेकिन घटना के बाद से ही जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी और आरोपित समर्थक फिलहाल फरार चल रहे हैं। वरीय पुलिस अधिकारी के निर्देश पर पुलिस ने पीयूष की गिरफ्तारी के लिए सोमवार को बाढ़, मोकामा, पटना और मुजफ्फरपुर सहित अन्य जगहों पर छापेमारी की। लेकिन उनकी गिरफ्तार नहीं हो सकी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना के बाद से ही पीयूष प्रियदर्शी ने मोबाइल बंद कर रखा है और वे लोगों से संपर्क नहीं कर रहे। जिसके कारण उनके लोकेशन का पता नहीं चल रहा है। आशंका है कि वे जिला से बाहर चले गए हैं। घटना में शामिल आरोपित घर छोड़कर भागे : इस घटना में शामिल अधिकतर आरोपित भी अपने घर में नहीं रह रहे। कई क्षेत्र छोड़कर दूसरी जगह चले गए हैं। लिहाजा घरों में पुलिस की दबिश के बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। पुलिस तकनीकी सर्विलांस से आरोपितों की जानकारी एकत्र कर रही है। ताकि उन्हें दबोचा जा सके। उधर घटना के बाद से ही वरीय पुलिस अधिकारी क्षेत्र पर नजर रख रहे हैं। स्थानीय अधिकारियों को नियमित रूप से गश्त करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों में विश्वास कायम करने के लिए अर्धसैनिक बल के जवानों द्वारा इलाके में लगातार फ्लैग मार्च किया जा रहा है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




