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आपदा में पशुधन की सुरक्षा जरूरी : मंत्री

आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव ने कहा है कि बिहार में बाढ़, सुखाड़, भूकंप, अगलगी, ठनका आदि आपदाएं हर साल आती हैं। इनमें लोगों के साथ ही पशुधन भी प्रभावित होते हैं। पशुधन पर ग्रामीण आबादी की जीविका निर्भर होती है। इसलिए आपदा में पशुधन की सुरक्षा बेहद जरूरी है।

बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से वेटनरी कॉलेज में आयोजित कार्यशाला में मंत्री ने कहा कि केवल बाढ़ के कारण ही भारत में 94 हजार पशुधन का नुकसान होता है। आपदा आने पर पशुओं की सुरक्षा करने में ग्रामीणों को परेशानी होती है। इसलिए आपदा से पहले, आपदा के दौरान या इसके बाद सरकारी व गैर सरकारी स्तर पर प्रयास तेज करने होंगे। सबों के सहयोग से ही आपदा के समय पशुओं की सुरक्षा का प्रबंधन किया जा सकता है। वेटनरी कॉलेज में स्थापित इमरजेंसी रिस्पांस यूनिट की सराहना की और कहा कि देश में इस तरह का यह पहला केंद्र है।

प्राधिकरण के उपाध्यक्ष व्यास जी ने कहा कि किसान की जीविका का मुख्य आधार पशुधन होता है। इसलिए कृषि रोडमैप में पशुधन के बचाव व प्रबंधन को शामिल किया गया है। कहा कि कार्यशाला में साल भर का ट्रेनिंग कैलेंडर तैयार कर किसानों तक पहुंचाया जाए और उनके पारम्परिक ज्ञान को मॉड्यूल में शामिल किया जाए। पशु एवं मत्स्य संसाधन की सचिव एन. विजय लक्ष्मी ने कहा कि बाढ़ जैसी विभीषिका में पशुधन बचाना एक चुनौती होती है। प्रखंड स्तर पर प्रशिक्षण देकर इससे निबटा जा सकता है। कार्यशाला में प्राधिकरण के सदस्य डॉ. उदयकांत मिश्र, एनडीएमस के पूर्व सदस्य केएम सिंह, वेटनरी कॉलेज के डीन डॉ. सामंतरे, बिहार एनिमल साइंसेज विवि के कुलपति डॉ. रामेश्वर सिंह, गजेन्द्र के शर्मा, सांवर भारती ने भी विचार रखे।

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  • Web Title: Safety of livestock in the disaster is essential: minister