
गांधी मैदान में ग्रामीण भारत महोत्सव आज से
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से ग्रामीण भारत महोत्सव-बिहार 2025 का दूसरा चरण 28 दिसंबर तक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। इसमें 16 राज्यों के हस्तनिर्मित, जैविक और पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शित होंगे। महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादकों को बाजार उपलब्ध कराना और उपभोक्ताओं के साथ संवाद स्थापित करना है।
राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के सहयोग से आयोजित ग्रामीण भारत महोत्सव-बिहार 2025 का दूसरा चरण शुक्रवार से 28 दिसंबर तक गांधी मैदान में आयोजित किया जाएगा। 10 दिनों तक चलने वाले इस इस भव्य प्रदर्शनी-सह-बिक्री मेले में देशभर के कारीगरों, शिल्पकारों, स्वयं सहायता समूहों, उत्पादक संगठनों और उद्यमियों के हस्तनिर्मित, जैविक व पारंपरिक उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। महोत्सव का उद्घाटन केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी करेंगे। उद्घाटन समारोह में वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग विशेषज्ञ, उद्यमी और शैक्षणिक जगत के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। महोत्सव का उद्देश्य ग्रामीण उत्पादकों को प्रत्यक्ष बाजार उपलब्ध कराना, ब्रांड की पहचान बनाना और उपभोक्ताओं से सीधा संवाद स्थापित करना है।

यह मंच उत्पादों के लिए थोक व दोहराव वाली मांग, उपभोक्ता प्रतिक्रिया, डिजाइन नवाचार, उत्पाद विविधीकरण, वित्तीय एवं डिजिटल साक्षरता तथा उद्यमिता कौशल विकास के अवसर भी प्रदान करता है। साथ ही, विकास एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर ग्रामीण उद्यमों को सशक्त बनाने की दिशा में यह महोत्सव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ग्रामीण भारत महोत्सव-बिहार 2025 में बिहार सहित देश के 16 राज्यों के विशिष्ट उत्पादों की आकर्षक शृंखला प्रदर्शित की जाएगी। इनमें हिमाचल प्रदेश का शाल, केरल की नेटीपट्टम कला, बनारसी साड़ी, भागलपुर का तसर रेशम, मधुबनी चित्रकला, पटना की कलमकारी, लखनऊ की चिकनकारी, कश्मीर का पश्मीना, मिथिला मखाना, जोधपुर के बंधेज वस्त्र, असम सिल्क, जयपुरी रजाई, ब्लू पॉटरी, टीकमगढ़ के पीतल के बर्तन, मिट्टी और बांस से बने उत्पाद सहित अनेक भौगोलिक संकेत (जीआई) प्राप्त ग्रामीण उत्पाद शामिल हैं। ये उत्पाद दर्शाते हैं कि ग्रामीण भारत के उत्पाद अब बड़े बाजारों में आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान बना रहे हैं। महोत्सव में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग, चंद्रगुप्त इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट पटना, ग्रामीण कृषि स्टार्टअप्स और स्थानीय उद्यमियों की सहभागिता भी रहेगी। आगंतुकों को प्रतिस्पर्धी कीमत पर गुणवत्तापूर्ण ग्रामीण उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा, साथ ही बिहार के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चख सकेंगे। यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुली रहेगी। प्रवेश निःशुल्क है। आयोजन स्थल गांधी मैदान (गेट नंबर 10 के पास) रहेगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक लोगों से इस महोत्सव में पहुंचकर ग्रामीण भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और उद्यमिता का अनुभव करने की अपील की है।

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