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सप्ताह में दो दिन राजस्व पदाधिकारी लोगों की शिकायतों को सुनेंगे

सप्ताह में दो दिन राजस्व पदाधिकारी लोगों की शिकायतों को सुनेंगे

संक्षेप:

बिहार सरकार ने निर्णय लिया है कि सभी राजस्व पदाधिकारी सोमवार और शुक्रवार को कार्यालय में उपस्थित रहकर आम लोगों की शिकायतें सुनेंगे। यह व्यवस्था 19 जनवरी से प्रभावी होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का त्वरित और सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करना है।

Jan 16, 2026 06:36 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
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राज्य के सभी राजस्व पदाधिकारी सप्ताह के दो कार्य दिवस सोमवार और शुक्रवार को कार्यालय में उपस्थित रहकर आमजनों की शिकायतें सुनेंगे। यह व्यवस्था 19 जनवरी से प्रभावी होगी। उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा है कि राजस्व प्रशासन का उद्देश्य केवल नियमों का पालन कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और सम्मानजनक समाधान सुनिश्चित करना है। सोमवार और शुक्रवार को अनिवार्य जन-सुनवाई, शिकायतों का डिजिटल संधारण तथा कार्यालयों में नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता से व्यवस्था और अधिक जवाबदेह बनेगी। कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लागू सात निश्चय-3 के तहत ‘सबका सम्मान–जीवन आसान’ के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए हमारा लक्ष्य है कि राजस्व से जुड़ी हर सेवा समयबद्ध हो।

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आम नागरिकों से प्राप्त शिकायतों का डिजिटल संधारण अनिवार्य किया गया है। इससे शिकायतों की निगरानी आसान होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी। प्रमंडलीय आयुक्त अपने-अपने प्रमंडलों में तथा समाहर्ता अपने जिले में राजस्व प्रशासन को सुदृढ़ बनाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाएंगे। उनका मुख्य दायित्व होगा कि राजस्व से जुड़ी प्रक्रियाओं के कारण नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम किया जाए। राज्य सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक सुधार की दिशा में एक ठोस पहल माना जा रहा है। राजस्व विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल की ओर से जारी पत्र के अनुसार भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम की शुरुआत पटना जिले से की गई थी। इसके बाद लखीसराय, मुजफ्फरपुर, सहरसा, पूर्णिया एवं भागलपुर में जनकल्याण संवाद आयोजित किए गए, जिनमें आम लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखीं। इन संवादों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर राजस्व प्रशासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि सभी राजस्व कार्यालयों में आमजनों के साथ सम्मानपूर्ण एवं शालीन व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।