DA Image

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

टीडीएस काटने के लिए लेना होगा निबंधन

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के अंतर्गत किसी भी संवेदक या आपूर्तिकर्ता को किए जाने वाले भुगतान के समय अब स्रोत पर ही कर की कटौती हो सकेगी। यह व्यवस्था वाणिज्य कर विभाग एक अक्टूबर से लागू कर रहा है। जीएसटी अधिनियम की धारा 51 के तहत ऐसा किया जाएगा।

स्रोत पर कर की दर अंतरप्रांतीय मामलों में दो प्रतिशत आईजीएसटी एवं प्रांतीय मामलों में एक प्रतिशत एसजीएसटी तथा एक प्रतिशत सीजीएसटी है। वाणिज्य कर विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि स्रोत पर कर की कटौती करने के लिए सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (डीडीओ) को जीएसटी के अंतर्गत निबंधन लेना जरूरी होगा। वहीं, वाणिज्य कर विभाग की ओर से निबंधन के स्रोत पर कटौती के संबंध में इस महीने के अंतिम सप्ताह में राजधानी समेत सभी जिला मुख्यालयों में प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा। इसकी जानकारी वाणिज्य कर के संबंधित अंचल कार्यालय से ली जा सकती है। साथ ही विभाग के हेल्पडेस्टक के मोबाइल नंबर 9472457846 पर ली जा सकती है।

ऑनलाइन दाखिल करें आवेदन

जिन डीडीओ ने अब तक जीएसटी में निबंधन नहीं कराया है, वे वेबसाइट पर फॉर्म जीएसटी आरईजी 07 में आवेदन ऑनलाइन दाखिल कर सकते हैं। इसके लिए टैन व डिजिटल सिग्नेचर की जरूरत होगी। जिन लोगों के पास डिजिटल सिग्नेचर नहीं होगा, वे इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (ईवीसी) के जरिए भी आवेदन दे सकते हैं।

  • Hindi Newsसे जुडी अन्य ख़बरों की जानकारी के लिए हमें पर ज्वाइन करें और पर फॉलो करें
  • Web Title:Registration will be required for cutting TDS