विदेशी रुपये एक्सचेंज करने वालों के लिए बढ़ रहा अवसर : क्षेत्रीय निदेशक
भारतीय रिजर्व बैंक, पटना ने बिहार और झारखंड में विदेशी मुद्रा परिवर्तकों के लिए एक कार्यशाला का आयोजन किया। क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने फेमा 1999 के पालन और मुद्रा परिवर्तन गतिविधियों की दिशा-निर्देशों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को केवाईसी दिशानिर्देशों और निरीक्षण से जुड़ी जानकारी दी गई।

भारतीय रिजर्व बैंक, पटना के क्षेत्रीय निदेशक सुजीत कुमार अरविंद ने कहा कि बिहार और झारखंड में संपूर्ण मुद्रा परिवर्तकों (एफएफएमसी) यानी विदेशी रुपये एक्सचेंज करने वालों के लिए अवसर भी बढ़ रहा है। वे शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक, विदेशी मुद्रा विभाग, पटना के बैनर तले स्थानीय होटल में बिहार एवं झारखंड क्षेत्र के एफएफएमसी के प्रतिनिधियों के लिए आयोजित फॉरेक्स फॉर यू कार्यशाला का उद्घाटन करने के बाद उसे संबोधित कर रहे थे। मौके पर सुजीत कुमार अरविंद ने सभी प्रतिभागियों से फेमा 1999 तथा मुद्रा परिवर्तन गतिविधियों संबंधी अन्य दिशा-निर्देशों के पालन की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
इसके पूर्व रिजर्व बैंक के विदेशी मुद्रा विभाग, पटना के महाप्रबंधक ने अतिथियों का स्वागत किया। रिजर्व बैंक के प्रबंधक, मानव संसाधन राजीव कुमार ने बताया कि कार्यक्रम में प्रतिभागियों को मुद्रा परिवर्तन से जुड़े भारतीय रिजर्व बैंक के विभिन्न दिशानिर्देशों तथा इस क्षेत्र में हाल में हुई प्रगति से अवगत कराया गया। इसके बाद एफएफएमसी के निरीक्षण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई। भारतीय रिजर्व बैंक की ओर से जारी किए गए नवीनतम केवाईसी दिशानिर्देशों और एफएफएमसी द्वारा इनके व्यावहारिक कार्यान्वन में अपेक्षाओं पर भी चर्चा की गई। कार्यशाला के अंत मे खुले सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें बैंक के अधिकारियों द्वारा एफएफएमसी प्रतिनिधियों के प्रश्नों के उत्तर दिए गए। कार्यशाला में महाप्रबंधक, विदेशी मुद्रा विभाग, पटना और विदेशी मुद्रा विभाग के अन्य कर्मचारी भी मौजूद थे।
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