Rainfall in the state - वर्षा ने राज्य के किसानों को किया निहाल DA Image
6 दिसंबर, 2019|1:52|IST

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वर्षा ने राज्य के किसानों को किया निहाल

महाकवि घाघ ने कहा है -‘आद्रा धान पुनर्वसु पैया, रोवे किसान जो रोपे चिरैया। मतलब साफ है कि आद्रा नक्षत्र में धान का बीज गिराने पर उपज अच्छी होती है। पुनर्वसु में रोपे गए पौधों में पत्ता तो होता है, लेकिन दाने कम होते हैं। उसके बाद यानी पुष्य नक्षत्र में रोपनी से उपज इतनी कम होती है कि किसान रोते हैं। महाकवि घाघ की इन पंक्तियों की कसौटी पर अगर राज्य में इस साल की खेती को कसें तो यह कहा जा सकता है धान की खेती समय से चल रही है। आद्रा नक्षत्र बीतने के साथ ही बिचड़ा गिराने का काम लगभग पूरा हो चुका है। 90 प्रतिशत से अधिक खेतों में बिचड़ा गिराया जा चुका है। किसान रोपनी में भी जुट गए हैं। उत्तर बिहार में जहां पहले बिचड़ा गिराया जाता है, वहां रोपनी काफी आगे बढ़ चुकी है। लेकिन दक्षिण बिहार में जहां बिचड़ा आद्रा नक्षत्र में गिरया जाता है, वहां रोपनी का काम बहुत धीमा है। बेगूसराय जिले में लगभग 50 प्रतिशत रोपनी हो चुकी है। चम्पारण के इलाके में भी इससका आंकड़ा लगभग 40 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। लेकिन रोहतास और भोजपुर जिलों में अभी इसकी शुरुआत ही हुई है। कृषि वैज्ञानिकों की भी मानें तो अच्छी उपज के लिए रोपनी 15 से 20 जुलाई तक समाप्त हो जानी चाहिए। राज्य में 10 जुलाई तक आधा दर्जन जिलों में यह काम लगभग 25 प्रतिशत पूरा हो चुका है। हालांकि राज्य का औसत आंकड़ा अभी 12 प्रतिशत ही है। लेकिन अधिसंख्य धान वाले इलाकों में आद्रा में बीज ही गिराया जाता है लिहाजा रोपनी दस दिन बाद काफी तेज होगी। अलबत्ता मक्का की स्थिति इससे काफी बेहतर है। लगभग 70 प्रतिशत खेतों में पौधे लगाये जा चुके हैं, जबकि इसके लिए समय भी अभी बीता नहीं है। एक नजर में खेती 90 प्रतिशत गिराया जा चुका है धान का बिचड़ा 12.77 प्रतिशत हो चुकी है धान की रोपनी 69.91 प्रतिशत हो चुकी है मक्के की बुआई

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