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पटना के इस अस्पताल की आईसीयू में घुसा पानी

पटना के इस अस्पताल की आईसीयू में घुसा पानी

पटना में दो दिनों की बारिश के बाद भयावह स्थिति है। गली-मोहल्लों में सड़कों पर पानी जमा है। कई निचले इलाकों में पानी भर गया है। लोगों के घरों में पानी प्रवेश कर गया है। किचन से लेकर ड्राइंग रूम तक में पानी घुसा है। जबकि पटना के बड़े अस्पताल एनएमसीएच में पानी भर गया है। ऐसी ही हालत राजेन्द्रनगर स्थित अति विशिष्ट नेत्र हॉस्पीटल की है। वार्डों में भरे पानी के बीच मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

इधर, भीषण बारिश से कुछ हादसे भी हुए हैं। जहां पटना सिटी में पानी से भरे गड्ढे में गिरकर बच्ची की मौत हो गई वहीं बाढ़ के भदौर में पानी भरे गड्ढे में तीन वर्ष के बच्चे के गिरने से उसकी मौत हो गई। पटना स्थित नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल पानी-पानी हो गया है। अस्पताल परिसर और वार्ड ही नहीं आईसीयू में भी बारिश का पानी भरा है। घुटने भर पानी के बीच मरीजों का इलाज किया जा रहा है। मुख्य गेट से अस्पताल का नजारा भयावह है। परिसर में जमे पानी में मछलियां तैरतीं दिखाईं दे रहीं हैं। पूरा अस्पताल परिसर किसी झील के रूप में तब्दील हो गया है। इधर, अस्पताल में पानी प्रवेश करने से मरीजों और उनके परिजनों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

मेडिसीन विभाग के सभी वार्डों में घुटनों भर से अधिक पानी है। वार्डों में बेड तैरते दिख रहे हैं। बेड पर लेटे मरीज बड़े विचित्र स्थिति से गुजर रहे हैं। उनका इलाज कर रहे डॉक्टरों और नर्सों को भी परेशानी हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि उन्हें इसी गंदे पानी के बीच मरीजों को देखने जाना पड़ रहा है। यही स्थित रही तो सोमवार को एनएमसीएच में ऑपरेशन भी टालने पड़ सकते हैं। मरीजों को ले जा रहे परिजन : एनएमसीएच में मेडिसीन विभाग का भवन सबसे पुराना है। यहां नाले का पानी हमेशा प्रवेश कर जाता है। दो दिनों की बारिश के बाद विभाग के पांचों वार्ड में भर्ती मरीजों को जलजमाव का सामना करना पड़ रहा है। आईसीयू समेत कई वार्डों में 12 से अधिक दमा, लीवर व हेपेटाइटिस जैसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीज हैं। कुछ मरीजों को परिजन संक्रमण होने के भय से दूसरे अस्पताल ले गए। वहीं कुछ ले जाने की तैयारी में हैं। इधर, भवन जर्जर होने के कारण छत से भी पानी टपक रहा है।

मरीजों को नहीं मिला भोजन : जलजमाव का असर एनएमसीएच के रसोई घर पर भी पड़ा। मरीजों को रविवार को भोजन नहीं मिल सका। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत ब्रेड और फल दिया गया।

वार्ड में पानी भरने से मरीजों के इलाज में परेशानी हुई है। वार्ड से पानी निकालने का प्रयास जारी है। ई वार्ड का सतह काफी नीचे है जहां से मरीजों को सी वार्ड में शिफ्ट करने को कहा गया है। आईसीयू से भी पानी निकल गया है। -उमाशंकर प्रसाद, विभागाध्यक्ष, मेडिसिन वार्ड

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  • Web Title:Rain water enters in ICU in NMCH