Patna Sahib and Pataliputras people said his basic problem - चुनावी लॉलीपॉप: सिर्फ चुनाव में याद आते हैं मोहल्ले के मुद्दे DA Image

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चुनावी लॉलीपॉप: सिर्फ चुनाव में याद आते हैं मोहल्ले के मुद्दे

चढ़ते पारे के बीच चुनावी बयार भी तेज चलने लगी है। ऐसे में नेताओं का जनसंपर्क अभियान परवान चढ़ने लगा है। जनता के बीच हाथ जोड़े नेताजी अक्सर देखे जा रहे हैं। परंतु, लोकसभा क्षेत्रों में समस्याओं का अंबार है। जनता भी गुस्से में तपी बैठी है। वोट लेकर पांच साल के लिए गायब होने वाले नेताओं को सबक सिखाने की ठान ली गई है। पाटलीपुत्र और पटना साहिब के अंतर्गत आने वाले मोहल्लों के बाशिंदे तो जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों तक को कोसते हैं। जलजमाव, स्वच्छ पेयजल, गंदगी, बदहाल सड़कों की समस्या से जनता अब थक चुकी है। 

लोहानीपुर
20 हजार की आबादी वाला लोहानीपुर की समस्या कोई नई नहीं है। यहां भी बूंद-बूंद पानी के लिए पूरी जनता तरसती है। वर्षों पुरानी पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो चुकी है। खास बात यह कि नगर निगम के पास इस इलाकों को समस्या से निजात दिलाने के लिए कोई योजना भी नहीं है। यहां के लोगों की अब समस्याएं नियति बन गई है।

पीने लायक पानी तक नहीं है
मोहल्ले में भारी जलसंकट है। पीने लायक पानी ही नहीं मिलता। गरीबों के घर में बोरिंग भी नहीं है। इसलिए परेशानी और बढ़ जाती है। देवी मंदिर में बोरिंग है। उसी से नल में पानी आता है। इसी पर पूरी आबादी निर्भर है। मंदिर से कुछ दूरी पर कुआं भी है। परंतु उसका पानी साफ नहीं है। इसलिए उसका उपयोग नहीं हो पाता। 
-पप्पू प्रसाद, लोहानीपुर

जीतने के बाद मुंह फेर लेते हैं नेता
वार्ड पार्षद से लेकर विधायक और लोक सभा के प्रत्याशी हमेशा जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराने का आश्वासन देते हैं। इसी आस में हमलोग मतदान भी उसी प्रत्याशी के पक्ष में करते हैं। परंतु वह प्रत्याशी जीतने के बाद फिर झांकने नहीं आता। समस्याएं जस की तस बनी रहती हैं और नेता जी मुंह फेरे रहते हैं। अबकी ऐसा नहीं होगा।
-शकुंतला देवी, लोहानीपुर

जयमहावीर कॉलोनी
जयमहावीर नगर की पहचान यहां की कच्ची सड़कों से होने लगी है। जलभराव का दंश ऐसा कि हर साल बरसात में पूरा इलाका लबालब हो जाता है। वार्ड-47 के अंतर्गत आने वाली इस कॉलोनी में समस्याओं की कमी नहीं है।बारसात में इस कॉलोनी में कोई रहना नहीं चाहता है। जय महावीर नगर में 50 फीसदी सड़क  आजतक कच्ची हैं।

रास्ते कच्चे और खस्ताहाल हैं
हर चुनाव में जन प्रतिनिधियों ने हाथ जोड़ा, वोट मांगे और जनता से सड़क और जल निकासी के वादे किए। लेकिन चुनाव जीतने के बाद इस कॉलोनी की बदहाली को सुधारने में लिए किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। कच्चे और खस्ताहाल रास्तों से सफर करना एक जोखिम भरा  कदम होता है। 
-रीना देवी, जय महावीर कॉलोनी

पानी से लेकर जलजमाव 
जनता की समस्याओं से नेताओं का तो जैसे सरोकार ही नहीं रह गया है। बिना किसी लाभ के कुछ करने को तैयार नहीं होते। जरा सी ईमानदारी होती तो हमारा यह इलाका ऐसा नहीं होता। पेयजल से लेकर जलजमाव तक की समस्या हजारों की संख्या में लोग झेल रहे हैं। कोई कुछ करने वाला नहीं।
-नीरज कुमार सिन्हा, जय महावीर कॉलोनी

पूर्णेन्दु नगर 
यह मोहल्ला पाटलिपुत्र लोकसभा में आता है। यहां सफाई के नाम पर बस खानापूर्ति होती है। डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाली गाड़ी भी इस मोहल्ले में नहीं आती। इस वजह से और गंदगी बढ़ रही है। मच्छरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। चुनाव के समय नेता जी बड़े-बड़े वादे करते हंंै, पर जीतने के बाद यहां की सुध लेने कोई नहीं आता।  

बिना बारिश भरा रहता है पानी
मोहल्ले में फ्लैट और मकान बहुत तेजी से बन रहे हंै। लेकिन सुविधाएं उतनी ही धीमी गति से विकसित हो रही हैं। सड़कों की हालत बेहद खराब है। टूटी सड़कों पर पैदल चलना भी मुश्किल है। जगह-जगह जलजमाव के कारण आना-जाना मुश्किल हो गया है। बारिश के मौसम में तो और बुरा हाल हो जाता है। 
-बिरजू पासवान, पूर्णेन्दु नगर

सड़कों पर रहता है अवैध कब्जा
हल्की बारिश मे मोहल्ले में जलजामव हो जाता है। सड़कें भी जर्जर हंै। जगह-जगह सड़कों पर गड्ढे उभर आए हैं। कुछ लोग सड़क पर ही गिट्टी और बालू उतार देते है, जिससे सड़के काफी संकरी हो गई है। जगह-जगह गंदगी भी फैली है। कई बार शिकायत की गई पर आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिलता। 
-सितांशु सिन्हा, पूर्णेन्दु नगर

एकता नगर
वार्ड संख्या-10 के अंतर्गत आने वाले इस मोहल्ले में समस्याओं का अंबार है। इस मोहल्ले में टूटी सड़कें और जलजमाव बड़ी समस्या है। नाले का पानी सड़कों पर ही बहता रहता है। आईओसीएल ने सड़कों को खोद रखा है। काम पूरा होने के बावजूद सड़कों को ठीक नहीं किया गया। इस वजह से नालों का पूरा पानी सड़कों पर बह रहा है।

अच्छी-खासी सड़क खोद कर छोड़ा
विकास के नाम पर सड़कों को खोद कर छोड़ दिया जा रहा है। बार-बार शिकायत के बाद भी कोई नहीं सुन रहा है। बारिश हो जाती है तो कीचड़ से और परेशानी बढ़ जाती है। गड्ढे खोदने के बाद एजेंसी के  प्र्रतिनिधि भी गायब हो जाते हैं। अब चुनाव का समय आया है। नेताजी की सक्रियता बढ़ी है, परंतु परेशानी दूर करने वाला कोई नहीं।
-साकिब, एकता नगर

अब नेता जी का नहीं रहा भरोसा
आईओसीएल ने सड़कों को खोद तो डाला, पर ठीक नहीं किया। अभी से पूरा क्षेत्र जलजमाव की चपेट में है। बारसात आने के बाद तो इतना पानी भर जाता है कि नाला और सड़क में फर्क ही नहीं रहता। नाली से लेकर सड़क तक बदहाल हैं। इस समस्या से हजारों की आबादी परेशान है। पर नेताओं को इससे कोई सरोकार नहीं है।
-आदिल, एकता नगर

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