Hindi NewsBihar NewsPatna NewsPatna s Station Road Market A Hub for Machine Tools Faces Customer Decline Due to Traffic Issues
जमाल रोड को वन वे किये जाने के बाद दुकानदारों का कारोबार घटा

जमाल रोड को वन वे किये जाने के बाद दुकानदारों का कारोबार घटा

संक्षेप:

गोरिया टोली स्टेशन रोड का बाजार मशीन टूल्स और औद्योगिक उपकरणों के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन जमाल रोड को वन वे करने से ग्राहक कम हो गए हैं। रोजाना 3-4 करोड़ का कारोबार करने वाली इस मंडी में जाम की समस्या से व्यापारी पलायन करने के लिए मजबूर हो सकते हैं।

Tue, 2 Dec 2025 01:23 AMNewswrap हिन्दुस्तान, पटना
share Share
Follow Us on

कृषि कार्य और औद्योगिक इकाइयों में प्रयोग में आने वाले मशीन टूल्स, उपकरण आदि के लिए गोरिया टोली स्टेशन रोड का बाजार राज्यभर में अपनी विशेष पहचान रखता है। बिहार-झारखंड समेत नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों के कारोबारी बड़ी संख्या में खरीदारी के लिए यहां पहुंचते हैं। लेकिन, जमाल रोड को वन वे किये जाने के बाद से यहां ग्राहक आने से कतराते हैं, क्योंकि उन्हें घूमकर आना पड़ता है। यहां मशीन टूल्स की छह दशक पुरानी दुकान चलाने वाले कारोबारी अली असगर कहते हैं कि स्टेशन रोड गोलंबर से लेकर एग्जीबिशन रोड के बीच मशीन टूल्स, हार्डवेयर, सैनिटरी, बैटरी-इंवर्टर एवं कपड़ों की 400-500 दुकानें हैं।

LiveHindustan को अपना पसंदीदा Google न्यूज़ सोर्स बनाएं – यहां क्लिक करें।

चूंकि स्टेशन नजदीक है और बड़ी संख्या में कारोबारी या कंपनियों के अधिकारी भी यहां आते है, तो यहां कई होटल या गेस्ट हाउस भी हैं। मशीन टूल्स और हार्डवेयर के लिए तो स्टेशन रोड की मंडी विशेष रूप से जानी जाती है। राज्यभर के व्यापारी और कारोबारी बाजार वाले दिन यहां बड़ी संख्या में पहुंचते हैं। मंडी के कुल कारोबार की बात करें तो वर्तमान में रोजाना यहां तीन से चार करोड़ का कारोबार होता है। हालांकि सड़क पर लगने वाले भीषण जाम और ऊपर से जमाल रोड के रास्ते को वन-वे किये जाने से कारोबार 20-25 प्रतिशत तक प्रभावित हुआ है। जमाल रोड का रास्ता खुला होने के कारण गांधी मैदान की तरफ से खरीदार आसानी से यहां पहुंच जाते थे। अब उन्हें काफी घूमकर आना पड़ता है। इस कारण ग्राहकों की संख्या कम हुई है। बिहार के विभिन्न जिलों से राजधानी तक सड़क संपर्क बेहतर होने से कारोबारी आसानी से पटना पहुंच जाते हैं लेकिन स्टेशन रोड पहुंचकर जाम की समस्या से जूझने के कारण मंडी में आने से कतराने लगे हैं। इसकी वजह से बड़ी संख्या में खरीदार पटना सिटी के झाउगंज की तरफ जाने लगे हैं। अगर जाम की यही स्थिति रही तो व्यापारी पलायन करने लगेंगे। स्टेशन रोड की मंडी की रौनक धीरे-धीरे खत्म होती जाएगी। प्रसिद्ध महावीर मन्दिर और मस्जिद यहीं पर पटना में सांप्रदायिक सौहार्द्र की मिसाल पेश करता पुराना महावीर मंदिर और जामा मस्जिद इसी सड़क के आगे पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन के करीब स्थिति है। दोनों ही धार्मिक स्थलों में संबंधित समुदाय के लोगों की जबरदस्त भीड़ उमड़ती है। जानकारी के मुताबिक महावीर मंदिर की स्थापना 1730 ई. में रामानंद संप्रदाय के सन्यासी स्वामी वालानंद ने एक छोटे से मंदिर के रूप में की थी। देश की आजादी के बाद साल 1948 में पटना उच्च न्यायालय ने इसे सार्वजनिक घोषित कर दिया। 1980 के दशक के मध्य में महावीर मंदिर को भव्य स्वरूप मिला। वहीं, जामा मस्जिद का निर्माण साल 1901 में सर सैयद मोहम्मद फखरुद्दीन खान बहादुर ने करवाया।