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संस्कारयुक्त जीवन जीने से मिलती है मोक्ष: आचार्य चन्द्रमोहन

गायत्री परिवार की ओर से मसौढ़ी के सरवां गांव में आयोजित तीन दिवसीय नौकुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन बुधवार को हवन-पूजन विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ किया गया। मौके पर सैकड़ों दंपतियों ने हवन अनुष्ठान में भाग लेकर सादगी और भक्तिमय जीवन बिताने का संकल्प लिया। गायत्री महायज्ञ मौके पर आचार्य चन्द्रमोहन शास्त्री ने प्रवचन करते हुए कहा कि धरती पर मानव जीवन मोह माया से युक्त है। भौतिकता के दौर में मानव लोभ और क्रोध जैसी कई सामाजिक बुराइयों से ग्रसित होता है जिसके कारण पाप कर बैठता है। आचार्य ने उपस्थित भक्तों से कहा कि जगत का सर्वोतम उपहार मानव जीवन है। जीवन में संस्कार पैदा कर प्रभु की भक्ति में लीन होकर जीवन की मुक्ति पा सकता है। प्रभु दयालु है सच्चे मन से अराधना करने से ही उनकी कृपादृष्टि का लाभ मिलेगा। मौके पर आचार्य योगेन्द्र जी, पंडित कुबेरा, सचिन छोटू और निधि सिंह समेत अन्य लोगों ने धार्मिक अनुष्ठान में महती भूमिका निभाई।

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