
नामांकन रद्द होने के खिलाफ दायर दोनों अर्जी पटना हाईकोर्ट से खारिज
संक्षेप: पटना हाईकोर्ट ने मोहनियां से राजद प्रत्याशी श्वेता सुमन और घोसी से राष्ट्रीय लोक जनशक्ति के उम्मीदवार राकेश कुमार सिंह के नामांकन रद्द करने के खिलाफ दायर अर्जी को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव को चुनौती दी जा सकती है।
मोहनियां से राजद प्रत्याशी श्वेता सुमन और घोसी से राष्ट्रीय लोक जनशक्ति के उम्मीदवार राकेश कुमार सिंह के नामांकन रद्द करने के खिलाफ दायर अर्जी को पटना हाईकोर्ट के रद्द कर दिया। हालांकि न्यायमूर्ति ए अभिषेक रेड्डी की एकलपीठ ने कहा कि विधानसभा चुनाव के बाद अर्जी दायर कर चुनाव को चुनौती दे सकते हैं। शनिवार को कोर्ट ने दोनों याचिकाओ पर एक साथ सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। दोनों आवेदकों की ओर से अधिवक्ता एसबीके मंगलम और अवनीश कुमार ने कोर्ट को बताया था कि निर्वाची पदाधिकारी ने कानून को नजरअंदाज कर नामांकन पत्र रद्द किया है। राजद प्रत्याशी श्वेता सुमन का नामांकन जाति प्रमाणपत्र को लेकर मंजूर नहीं किया गया है, जबकि राकेश कुमार सिंह का नामांकन पत्र आपराधिक इतिहास के बारे में दिये कॉलम में टिक नहीं लगाने पर रद्द किया गया है।

आवेदक के जाति प्रमाणपत्र पर संदेह व्यक्त करते हुए रिपोर्ट मांगी गई। रिपोर्ट में जाति प्रमाणपत्र को जारी किये जाने पर प्रश्न चिह्न लगाया गया है, लेकिन उसे फर्जी या गलत नहीं कहा गया है। इसके बावजूद नामांकन पत्र रद्द नहीं किया गया, बल्कि उसे मंजूर नहीं किया गया। अधिवक्ताओं ने कहा कि घोसी विधानसभा के प्रत्याशी का नामांकन पत्र में आपराधिक इतिहास के बारे में दिये कॉलम में सिर्फ टिक नहीं लगाने पर नामांकन रद्द किया गया है। हालांकि नामांकन पत्र रद्द करने का आदेश आज तक नहीं दिया गया। वहीं महाधिवक्ता पीके शाही ने कहा कि चुनाव को लेकर हाईकोर्ट में दायर अर्जी सुनवाई योग्य नहीं है। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद कोई भी कोर्ट चुनाव को लेकर दायर अर्जी पर सुनवाई नहीं कर सकता। जबतक की कोई बड़ी चूक नहीं हुई हो। चुनाव आयोग की ओर से अधिवक्ता सिद्धार्थ प्रसाद का कहना था कि मोहनियां और घोसी दोनों विधानसभा में मतदान प्रक्रिया शुरू हो गई है। मतपत्र छप चुका हैं। बुजुर्ग मतदाता मतदान कर चुके हैं। ऐसे में कोर्ट चुनाव प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। यदि किसी को चुनाव को लेकर कोई शिकायत हैं तो चुनाव के बाद चुनाव अर्जी दायर कर चुनौती दे सकते हैं। इसका जवाब देते हुए कोर्ट को बताया कि आवेदक तय तिथि पर चुनाव कराने के लिए तैयार हैं। सिर्फ उनके नामांकन पत्र को मंजूर कर लिया जाये। कोर्ट ने सभी की दलीलें सुनने के बाद अर्जी खारिज कर दी।

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