
गयाजी से गिरफ्तार दो आरोपितों पर दोष साबित नहीं कर पायी एटीएस
पटना की एटीएस की विशेष अदालत ने गुलाम सरवर खान और सना खान को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। उन पर देश विरोधी गतिविधियों का आरोप था। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित करने में विफल रहा। हालांकि, तौसिफ पठान खान को भारतीय दंड संहिता के तहत दोषी पाया गया है।
पटना सिविल कोर्ट स्थित एटीएस की विशेष अदालत के न्यायाधीश अभिजीत कुमार ने मंगलवार को आरोपित गुलाम सरवर खान और सना खान उर्फ शहनशाह खान को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया। इनपर देश विरोधी गतिविधि चलाने समेत अन्य आरोप लगाए गए थे। अदालत ने बेऊर जेल अधीक्षक को इन दोनों आरोपितों को रिहा करने का निर्देश दिया है। हालांकि, गया जी से 2017 में गिरफ्तार तीन आरोपितों में एक को जालसाजी के मामले में दोषी पाया गया है। विशेष अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि एटीएस की अभियोजन शाखा ने दोनों आरोपित के खिलाफ लगाए गए एक भी आरोप को साबित करने विफल रही।

अदालत ने अपने फैसले में कहा कि इस कांड के तीनों आरोपित गुलाम सरवर खान, सना खान उर्फ शहनशाह और तौसिफ पठान खान के खिलाफ देश विरोधी गतिविधि (यूएपीए एक्ट) का आरोप साबित नहीं कर पायी। विशेष अदालत ने तीनों आरोपितों को देश विरोधी गतिविधि के आरोप से बरी कर दिया। एटीएस की अभियोजन शाखा ने देश विरोधी गतिविधि समेत अन्य आरोप को साबित करने में विफल रही। कोर्ट ने कहा कि आरोपितों के खिलाफ जांच त्रुटिपूर्ण थी। साक्ष्य का संकलन सही से नहीं किया गया था। हालांकि, विशेष अदालत ने आरोपित तौसिफ पठान खान को भारतीय दंड संहिता की धारा 465, 466 और 461 के तहत दोषी पाया। तौसिफ पठान की सजा की बिंदु पर सुनवाई के लिए 15 नवंबर की तिथि निर्धारित की है। तीनों आरोपितों को एटीएस की टीम ने गया जी सिविल लाइन थाना क्षेत्र से वर्ष 2017 में गिरफ्तार किया था। एटीएस ने तीनों आरोपितों के खिलाफ यूएपीए एक्ट के तहत और भारतीय दंड संहिता की धारा के तहत एफआईआर दर्ज की थी। एटीएस ने जांच कर आरोपित के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




