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पड़ताल: पीएमसीएच में जमीन पर इलाज

प्रदेश का सबसे बड़ा हॉस्पिटल पटना मेडिकल कॉलेज (पीएमसीएच) और यहां उमड़ती मरीजों की भीड़। सरकार के तमाम दावों के बावजूद इस अस्पताल में पल-पल व्यवस्थाएं दम तोड़ती हैं। जी हां, इमरजेंसी में अगर आप इलाज का तरीका देख लेंगे तो शायद कभी इस अस्पताल का रुख नहीं करेंगे। जमीन पर बेड डालकर कोई पड़ा रहता है तो कोई रस्सी के सहारे ड्रिप लगाए दिख जाता है। अस्पताल की पड़ताल में जो कुछ सामने दिखा, यहां की पोल खोलने के लिए काफी है।

बीमार बना देगी इमरजेंसी 
हिन्दुस्तान स्मार्ट की टीम जब पीएमसीएच की इमरजेंसी पहुंची तो बुरा हाल था। तेज पेट दर्द पर रेफर होकर मोतिहारी से आए रविंद्र को बेड तक नसीब नहीं हो सका था। वह गैलरी में ही पड़े थे और उनका इलाज चल रहा था। हॉस्पिटल का फर्श इतना साफ सुथरा नहीं होता है कि वहां संक्रमण का खतरा न हो। पेट दर्द तो ठीक हो जाएगा, लेकिन कोई न कोई संक्रमण फर्श से मिल जाएगा।

जान पर भारी पड़ सकती है लापरवाही 
पटना मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में मेडिकल कर्मियों की मनमानी भारी पड़ सकती है। पड़ताल के दौरान, जो नजारा आंखों के सामने आया वह चौंकाने वाला था। एक बीमार फर्श पर पड़ा था और रस्सी के सहारे उसकी दवा लटकाकर डिप चढ़ाया जा रहा था। मेडिकल स्टाफ दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे थे। तीमारदार खुद डिप की स्पीड कम ज्यादा कर रहे थे। यह काफी खतरनाक होता है और इसमें अगर थोड़ी सी भी चूक हो जाए तो मरीज की जान जा सकती है। पर इसे देखने वाला भी वहां कोई नहीं थी । बात करने पर पता चला कि नर्स ने डिप तो लगा दिया, लेकिन उसके बाद वह देखने तक नहीं आई। बुलाने के बाद भी कर्मचारी नहीं सुनते हैं।

सरकारी अस्पताल में बेहतर सुविधाओं का दावा खूब किया जाता है। पर देखा नहीं जाता कि आखिर क्या मिल रहा है क्या नहीं। इसके लिए जो जिम्मेदार है, उसकी मानमानी से मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ती है।
-शैलेंद्र कुमार झा, मरीज

गरीब लोगों के लिए निजी अस्पताल में इलाज काफी मुश्किल है। ऐसे में सरकारी अस्पताल ही सहारा है। पर निगरानी नहीं से यहां इलाज कराना आसान नहीं होता।
-अयोध्या, तीमारदार 

इमरजेंसी में 200 बेड हैं, लेकिन मरीजों की संख्या 400 से 500 तक रोज पहुंचती है। इतनी अधिक संख्या में आने वाले मरीजों को वापस नहीं किया जा सकता है। उन्हें एडमिट कर लिया जाता है। बाद में बेड खाली होने पर उन्हें दे दिया जाता है। 
-डॉ अभिजीत कुमार, इंचार्ज, इमरजेंसी

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  • Web Title:Patients treatment on ground in Patna Medical College