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पंडित मधुप मुग्दल के शास्त्रीय गायन ने दर्शकों का मन मोहा

शास्त्रीय गायक व सुप्रसिद्ध कलाकार कुमार गन्धर्व के जन्मशताब्दी समारोह पर पद्मश्री से सम्मानित पंडित मधुप मुग्दल के शास्त्रीय गायन ने दर्शकों को मन...

पंडित मधुप मुग्दल के शास्त्रीय गायन ने दर्शकों का मन मोहा
हिन्दुस्तान टीम,पटनाSat, 24 Feb 2024 09:15 PM
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शास्त्रीय गायक व सुप्रसिद्ध कलाकार कुमार गन्धर्व के जन्मशताब्दी समारोह पर पद्मश्री से सम्मानित पंडित मधुप मुग्दल के शास्त्रीय गायन ने दर्शकों को मन मोह लिया। हम परदेसी पंछी..., ऋतु वसंत का गायन, कबीर गायन जैसे गीत गाये गए। कला संस्कृति एवं युवा विभाग की मदद से संगठन अहद अनहद ने शनिवार को बिहार संग्रहालय में स्मारक उत्सव का आयोजन किया।
कार्यक्रम में मशहूर कवि आलोचक, अनुवादक व वरिष्ठ संपादक अशोक वाजपेयी ने उस्ताद कुमार गन्धर्व के साथ लंबे जुड़ाव के यादगार पलों को राज्य मुख्य सूचना आयुक्त त्रिपुरारी शरण के साथ साझा किया। उनकी किताब ‘बहुरि अकेला से कविताएं प्रस्तुत की गयी। मौके पर गंधर्व प्रतिष्ठान अभिलेखागार से दुर्लभ तस्वीरों की एक प्रदर्शनी डिजिटल रूप से प्रदर्शित की गई। पंडित मुग्दल के गायन में विवेक भोला व दीपक सिंह ने साथ दिया। तबला पर भट्टाचार्यजी और हारमोनियम पर अरविंद दिगम्बर थाट्टे ने उनका साथ दिया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित रानी झा की गायन मोरा रे आंगनवा चनन के गछिया से हुआ। संगठन की संस्थापक सुजाता प्रसाद ने पं. मुग्दल के बारे में परिचय कराया। मौके पर बिहार संग्रहालय के महानिदेशक अंजनी कुमार सिंह, सांस्कृतिक कार्य निदेशक रूबी, अशोक कुमार सिन्हा, आलोक धन्वा, डॉ. रत्ना पुरकायस्थ व अन्य उपस्थित थे।

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