
पंचायत भवन में कोताही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने धीमी प्रगति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय करने का आदेश दिया। पंचायत भवनों की निर्माण प्रक्रिया और सोलर स्ट्रीट लाइट्स के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। आरटीपीएस केंद्रों की समीक्षा भी की गई।
पंचायती राज सचिव मनोज कुमार ने बुधवार को विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसमें सचिव ने कहा कि पंचायत सरकार भवन समेत विभाग की योजनाओं की धीमी प्रगति के लिए जिम्मेदार पदाधिकारियों पर जवाबदेही तय होगी। साथ ही स्पष्टीकरण भी मांगा जाएगा। विभाग राज्य की पंचायतों में पंचायत सरकार भवनों का गुणवत्तापूर्ण निर्माण करा रहा है। बैठक में ग्राम पंचायतों द्वारा बनाए जाने वाले पंचायत भवनों की 14 दिनों के अंदर प्रशासनिक स्वीकृति प्राप्त कर विभाग को सूचना देने को कहा गया। कार्य में अवरोध होने पर विभाग को सूचित करने को कहा गया। योजनाओं में तेजी लाने को प्रखंडवार एवं पंचायतवार समीक्षा करने को कहा गया।

कार्यादेश के विरुद्ध ग्राम पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने में पूर्वी चंपारण शीर्ष पर है। यहां कार्यादेश के विरुद्ध 94 फीसदी सोलर लाइट लग चुकी हैं। 21 जिलों की पंचायतों में कुल 5,38,295 सोलर स्ट्रीट लाइट लगाई जा चुकी है। शेष सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने का कार्य तेजी से पूरा करने का निर्देश दिया गया। पंचायतों में संचालित आरटीपीएस केंद्र क्रियाशील रखने के लिए निरंतर समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। आरटीपीएस केंद्र पर प्रति ग्राम पंचायत आवेदन प्राप्ति में सीवान अव्वल है। 15वें वित्त आयोग और छठे राज्य वित्त आयोग के तहत प्राप्त राशि की प्रशासनिक स्वीकृति लेकर जनकल्याणकारी योजनाओं में तेजी से खर्च करने को कहा गया। बैठक में जिला पंचायत संसाधन केन्द्र के निर्माण, लंबित न्यायिक वाद, उपयोगिता प्रमाणपत्र, निर्माणाधीन स्वास्थ्य उपकेन्द्र की समीक्षा भी की गई। मौके पर अपर सचिव नजर हुसैन, संयुक्त सचिव शम्स जावेद अंसारी मौजूद रहे। वहीं, वीडियो कांफ्रेंसिंग के साथ हुई बैठक में उत्तर बिहार के 21 जिलों के उपविकास आयुक्त, जिला पंचायत राज पदाधिकारी एवं जिला परिषद के अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शामिल हुए।

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