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इंदिरा आवास के मसले पर विपक्ष का हंगामा

प्रधानमंत्री आवास योजना- ग्रामीण के मसले पर बुधवार को विधानसभा में राजद विधायकों ने जमकर हंगामा किया। वित्तीय वर्ष 2016 -17 में लक्ष्य पूरा नहीं होने के सवाल पर राजद सदस्य ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और वेल में आ गए। हंगामे के कारण मात्र 13 मिनट में पहली पाली को विस अध्यक्ष विजय कुमार चौधरी ने दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी। मंत्री ने विपक्ष पर गरीबों के नाम पर राजनीति करने और पॉलिटिकल माइलेज लेने का आरोप लगाया।

कार्यवाही शुरू होते ही राजद के ललित यादव ने कार्यस्थगन का मामला उठाया। अध्यक्ष ने इसे समय पर उठाने को कहा और अल्पसूचित प्रश्न पूछने को कहा। ललित यादव के सवाल के जवाब में मंत्री ने माना कि प्रधानमंत्री आवास योजना में देरी हुई है। कहा कि 2016-17 में 6 लाख 37 हजार 658 के विरुद्ध 4 लाख 48 हजार 374 लाभुकों का आवास बनाने की मंजूरी मिली। इसमें एक लाख 8 हजार 713 में प्लिंथ का काम होने पर दूसरी किस्त दी गई है। 13 हजार 315 ने छत ढाल लिया तो तीसरी किस्त दी गई है। मंजूरी के 12 माह में 8 हजार 46 लाभुकों ने आवास निर्माण पूरा कर लिया है।

पूरक प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि योजना में तेजी लाने के लिए पंचायत स्तर पर ग्रामीण आवास सहायक और प्रखंड स्तर पर पर्यवेक्षक बहाल हैं। योजनाओं की निगरानी की जा रही है। मंत्री ने कहा कि चौक चौराहों की बात कर सदन को गुमराह करने की कोशिश हो रही है। गड़बड़ी या भ्रष्टाचार की जानकारी है तो लिखित दें, सरकार कठोर करवाई करेगी। दो दर्ज से अधिक बीडीओ पर कार्रवाई की गई है। दो पर्यवेक्षक, एक लेखा सहायक और 41 ग्रामीण सहायक को बर्खास्त हुए हैं। मंत्री के जवाब से विपक्षी सदस्य नहीं माने और वेल में आ गए।

बाद में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि योजना में लाभुकों के खाते में सीधे आरटीजीएस से पैसा भेजा जाता है, नकद या चेक से नहीं। 2016- 17 के आखिरी दिनों में योजना आई, लाभुकों के चयन की जटिल प्रक्रिया के कारण देरी हुई। 2017 -18 की स्थिति के सवाल पर मंत्री ने कहा कि 5 लाख 48 हजार 959 के लक्ष्य की तुलना में एक लाख 17 हजार 342 को मंजूरी मिली। 50 हजार 915 को प्लिंथ बनाने पर पहली किस्त, 1319 को छत बनाने पर दूसरी किस्त और 10 लाभुकों को तीसरी किस्त मिली है। 33 आवास का निर्माण हुआ है। योजना में देरी स्वीकार करते हुए मंत्री ने कहा कि मकान लाभुकों को ही बनाना है। इससे भी देरी होती है। समय पर आवास नहीं बनाने के कारण विभाग ने अब तक 4 लाख 98 हजार 674 लाभुकों नोटिस जारी की है। देरी करने वाले लाभुकों से नियमानुसार 23 लाख 80 हजार 471 की वसूली भी की गई है।

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  • Web Title:Opposition ruckus on the issue of Indira Housing