राहुल को संविधान विरोध विरासत में मिला : ललन
केन्द्रीय पंचायती राज मंत्री ललन सिंह ने राहुल गांधी पर लोकतंत्र और संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष संसद में हंगामा कर रहा है और इसके कारण सरकार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। संसद की उत्पादकता का जिक्र करते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि संसद को राजनीतिक नाटक का मंच नहीं बनने देंगे।

केन्द्रीय पंचायती राज मंत्री व जदयू के वरिष्ठ नेता राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी को लोकतंत्र व संविधान विरोध विरासत में मिला है। वह मंगलवार को लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ संकल्प के विरोध में बात रख रहे थे। कहा कि राहुल संविधान लेकर घूमते हैं और सुबह से शाम तक संविधान की धज्जियां उड़ाते हैं। कहा कि संसद चलाने में हर मिनट ढाई लाख, जबकि 9 करोड़ रोजाना खर्च होता है। विपक्ष के कारण 10 वर्षों में 3300 करोड़ का अपव्यय हुआ। पर विपक्ष को इससे मतलब नहीं है। वह सिर्फ आसन पर दबाव बनाना चाहता है।
इसीलिए अध्यक्ष के खिलाफ संकल्प लाया है। विपक्ष का आधा समय हंगामा, नारेबाजी व शोरगुल में बीतता है। 17 वीं लोकसभा में 5568 शून्यकाल प्रस्ताव आए, जबकि 18 वीं में 1821। इसके पहले के कार्यकाल में भी देख लीजिए, कितने शून्यकाल प्रस्ताव आ पाये? 17 वीं लोकसभा 346 घंटा अतिरिक्त चला और 97 फीसदी प्रोडक्टिविटी रही। ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि संसद को राजनीतिक नाटक का मंच बनने नहीं देंगे।
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