स्कूली बच्चों को नहीं मिल रही ऑनलाइन कोचिंग
राज्य के उच्च और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 से 12 के बच्चों के लिए ऑनलाइन कोचिंग शुरू नहीं हो सकी है। इसकी तैयारी चल रही है, जिसमें 12 लाख छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगिता की तैयारी में मदद मिलेगी। स्मार्ट क्लासेस के माध्यम से मुफ्त कोचिंग जल्द शुरू होगी।

राज्य के उच्च और उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों के लिए ऑनलाइन कोचिंग अब तक शुरू नहीं हो सकी है। इसके लिए जिलों में अभी तैयारियां ही चल रही हैं। कोचिंग से कक्षा 11 और 12 के लगभग 12 लाख छात्र-छात्राओं को इंजीनियरिंग और मेडिकल प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी में मदद मिलनी है। कक्षा 9 और 10 के लगभग 15 लाख बच्चों को फाउंडेशन (बेसिक) कोर्स कराया जाना है। इसके साथ ही बच्चों को सीयूईटी, एसएससी, बैंकिंग और अन्य प्रतियोगिता परीक्षा की भी तैयारी करानी है। कोचिंग शुरू कराने लिए शिक्षा विभाग ने जिलों के अधिकारियों को स्कूलों की कक्षाओं की लाइव स्मार्ट क्लास संचालन के लिए आईआईटी कानपुर को मदद करने के लिए कहा है।
मुफ्त कोचिंग की सुविधा जल्द शुरू करने को लेकर जिलों में नोडल अधिकारी नामित किये जा रहे हैं। बच्चों को प्रत्येक दिन कक्षा के बाद स्कूल में ऑनलाइन कोचिंग दिलायी जानी है। देश के टॉप शिक्षकों के माध्यम से बच्चे इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में नामांकन के लिए प्रतियोगिता परीक्षा के तैयारी कर सकेंगे। सरकारी स्कूलों के बच्चों को इंजीनियरिंग और मेडिकल संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता दिलाने के लिए आईआईटी कानपुर की संस्था साथी के माध्यम से कोचिंग की सुविधा मिलनी है। इसके लिए बीते सितंबर में शिक्षा विभाग और आईआईटी कानपुर के बीच करार (एमओयू) किया गया था। इंजीनियरिंग की ओर जाने की इच्छा रखने वाले छात्र-छात्राओं को ऑनलाइन कक्षा में गणित, भौतिकी विज्ञान, रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की कोचिंग मिलनी है। इसी प्रकार मेडिकल को कॅरियर बनाने की इच्छा रखने वाले बच्चों के लिए जीवविज्ञान, वनस्पतिविज्ञान, भौतिकी और रसायन विज्ञान और अंग्रेजी की पढ़ाई होनी है। कक्षा में स्मार्ट टीवी लगाने की चल रही प्रक्रिया स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा संचालित करने के लिए बड़ा स्मार्ट टीवी या बोर्ड के साथ ही सभी आवश्यक उपकरण लगाने की प्रक्रिया चल रही है। इसके माध्यम से ही ऑनलाइन क्लास चलेगी। बिजली कटने की स्थिति में बैट्री और इंवर्टर के माध्यम से कक्षाएं चलेंगी। आईआईटी कानपुर से ही विशेषज्ञ बच्चों को पढ़ाएंगे। समय-समय पर देश और विदेश के विशेषज्ञ भी कक्षा से जुड़ेंगे। ऑनलाइन माध्यम से ही बच्चे विशेषज्ञ शिक्षकों से प्रश्न भी पूछ सकेंगे। प्रत्येक सप्ताह मूल्यांकन भी होना है सप्ताह में सोमवार से शुक्रवार तक बच्चे ऑनलाइन कोचिंग करेंगे। सप्ताह में जो पाठ पढ़ाया गया है, उससे संबंधित प्रश्न के साथ बच्चों का मूल्यांकन किया जाएगा। मूल्यांकन के दौरान टॉप स्टूडेंट की पहचान की जाएगी। ऐसे बच्चों को और अधिक प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि पहले प्रयास में ही इन्हें प्रतियोगिता परीक्षा में सफलता मिल जाए। साप्ताहिक मूल्यांकन से पता चलेगा कि बच्चों को पढ़ाई में क्यों दिक्कत हो रही है। बच्चों को कमजोर विषय को मजबूत करने के लिए अलग से टिप्स भी दिए जाएंगे।
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